Bihar Cabinet Expansion: बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ आने वाला है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार 7 मई को अपने मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार करने जा रही है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जहां सत्ता संतुलन का नया समीकरण सामने आएगा।
27 मंत्रियों की एंट्री
सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार में कुल 27 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें NDA के सभी सहयोगी दलों को साधने की कोशिश दिखेगी। संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी इस समारोह में शामिल हो सकते हैं, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है।
किस पार्टी को कितनी हिस्सेदारी?
मंत्रिमंडल विस्तार में सीटों का बंटवारा भी लगभग तय माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक-
बीजेपी को मिल सकती हैं 12 मंत्री पद
जेडीयू के खाते में जा सकती हैं 11 सीटें
चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) को 2 मंत्री पद
जीतन राम मांझी की पार्टी HAM से 1 मंत्री
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 1 जगह
इस संतुलन के जरिए सरकार सभी सहयोगी दलों और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश कर रही है।
अधूरी कैबिनेट को मिलेगा पूरा आकार
फिलहाल कैबिनेट में सीमित सदस्य ही शामिल हैं, जिनमें जेडीयू कोटे से दो डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव मुख्य चेहरे हैं। ऐसे में यह विस्तार सरकार को पूर्ण रूप देने के साथ-साथ प्रशासनिक गति भी बढ़ाएगा।
तैयारियां जोरों पर
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पटना में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गांधी मैदान में विशाल मंच तैयार किया जा रहा है और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। राजनीतिक गलियारों में इस विस्तार को लेकर जबरदस्त उत्साह है कौन मंत्री बनेगा और किसे मौका नहीं मिलेगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
आगे क्या संकेत?
यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ मंत्रियों की संख्या बढ़ाने का कदम नहीं, बल्कि 2026 की राजनीति की दिशा तय करने वाला बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस ‘सियासी शपथ’ के बाद बिहार की सत्ता में कौन-कौन नए चेहरे चमकते हैं।
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