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नीतीश कुमार ने JDU की नई राष्ट्रीय टीम का किया ऐलान, 24 नेता शामिल, निशांत कुमार को नहीं मिली जगह!

Nitish Kumar JDU Team: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार ने जनता दल यूनाइटेड की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। इस नई टीम में कुल 24 नेताओं को शामिल किया गया है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि उनके बेटे Nishant Kumar को इसमें जगह नहीं दी गई।

नई टीम में कौन-कौन?

घोषित सूची के अनुसार, राज्यसभा सांसद संजय झा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावाआलोक कुमार सुमन को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर कई प्रमुख चेहरों को शामिल किया गया है, जिनमें मनीष कुमार वर्मा, आफाक अहमद खान, श्याम रजक, अशोक चौधरी, रमेश सिंह कुशवाहा, राम सेवक सिंह, कहकशां परवीन, कपिल हरिशचंद्र पाटिल, राज सिंह मान, सुनील कुमार, हर्षवर्धन सिंह, मौलाना गुलाम रसूल और बलियावी जैसे नाम प्रमुख हैं।

प्रवक्ता और सचिवों की जिम्मेदारी

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर राजीव रंजन सिंह अपनी भूमिका में बने रहेंगे। वहीं, रविंद्र प्रसाद सिंह, विद्यासागर निषाद, दयानंद राय, संजय कुमार, मोहम्मद निसार, रूही तागुंग और निवेदिता कुमारी को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।

निशांत का नाम क्यों नहीं?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर निशांत कुमार को इस सूची से बाहर क्यों रखा गया। हाल ही में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है और पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता भी बढ़ी है। इसके बावजूद उन्हें कोई पद नहीं दिया गया, जिससे सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलें लग रही हैं। जानकारी के मुताबिक, निशांत फिलहाल संगठन को समझने और मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने पहले ही संकेत दिया था कि वह सरकार में शामिल होने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं।

बिहार यात्रा से बढ़ेगा कद?

निशांत कुमार 3 मई से बिहार यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं, जिसकी शुरुआत पश्चिम चंपारण से होगी। बताया जा रहा है कि वह राज्य के सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं व आम लोगों से सीधे संवाद करेंगे। माना जा रहा है कि इस यात्रा के जरिए वह अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करेंगे और अनुभव हासिल करने के बाद ही किसी बड़े पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। जेडीयू की नई टीम में निशांत की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन इसके पीछे की रणनीति क्या है यह आने वाले समय में साफ हो सकता है।

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