Prayagraj Saints: प्रयागराज में ‘संगम’ नाम से बनाए जा रहे शराब ब्रांड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। त्रिवेणी संगम को सनातन आस्था का सबसे पवित्र केंद्र मानने वाले साधु-संतों और तीर्थ पुरोहितों ने इसे धार्मिक भावनाओं पर चोट बताते हुए कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। संत समाज ने आरोप लगाया है कि पवित्र ‘संगम’ नाम का इस्तेमाल शराब के लिए करना करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आया। वीडियो में कथित तौर पर ‘संगम’ नाम से शराब का प्रचार दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि Radico Khaitan की रामपुर डिस्टलरी इस नाम से सिंगल माल्ट शराब बना रही है। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, संगम तट पर रहने वाले संतों और पुरोहितों में नाराजगी फैल गई।
सनातन परंपराओं की बदनामी
साधु-संतों का कहना है कि त्रिवेणी संगम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और मोक्ष का प्रतीक है। कुंभ और माघ मेले के दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु यहां स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे पवित्र नाम को शराब से जोड़ना बेहद आपत्तिजनक है। तीर्थ पुरोहितों ने आरोप लगाया कि यह केवल व्यावसायिक फैसला नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं को बदनाम करने की सोची-समझी कोशिश है। तीर्थ पुरोहित प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि अगर समय रहते सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो संत समाज बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
CM योगी से संतो की मांग
संतों ने योगी आदित्यनाथ सरकार से मांग की है कि ‘संगम’ नाम से बिक रही शराब पर तुरंत रोक लगाई जाए और संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों और पवित्र प्रतीकों के नामों का इस तरह इस्तेमाल समाज में गलत संदेश देता है। फिलहाल इस विवाद ने प्रयागराज के धार्मिक माहौल को गर्मा दिया है और संत समाज सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।
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