होम = State = राजस्थान = आईसीएआर महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ‘मारवाड़ रत्न’ से सम्मानित

आईसीएआर महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ‘मारवाड़ रत्न’ से सम्मानित

जोधपुर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव Dr. M. L. Jat को प्रतिष्ठित ‘राव सीहा सम्मान – मारवाड़ रत्न’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान Indian Council of Agricultural Research में उनके नेतृत्व और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान Mehrangarh Museum Trust की ओर से प्रदान किया गया, जिसे मारवाड़ क्षेत्र का सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है। समारोह के दौरान Maharaja Gaj Singh ने डॉ. जाट को अंगवस्त्र, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र, एक लाख रुपये की सम्मान राशि और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। डॉ. एम.एल. जाट को यह सम्मान कृषि अनुसंधान, जलवायु अनुकूल खेती, मरुस्थलीय कृषि नवाचार और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए दिया गया। उनके नेतृत्व में किसानों के लिए ऐसी कई पहलें शुरू की गईं, जिनका उद्देश्य खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और जलवायु परिवर्तन के प्रति सक्षम बनाना है।सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए उन्नत कृषि तकनीकों, संरक्षण कृषि और कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन देने वाली पद्धतियों को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन प्रयासों का लाभ विशेष रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों के किसानों को मिल रहा है।

पश्चिमी राजस्थान से गहरा जुड़ाव

डॉ. जाट का पश्चिमी राजस्थान से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। मरुस्थलीय कृषि, जल संरक्षण और सूखा सहनशील फसलों पर उनके कार्य को व्यापक सराहना मिली है। उनके मार्गदर्शन में शुरू की गई कई परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती की लागत कम करना है।

महाराजा गज सिंह ने की सराहना

सम्मान समारोह में महाराजा गज सिंह ने कहा कि डॉ. जाट ने कृषि विज्ञान को प्रयोगशालाओं से निकालकर सीधे खेत और किसानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि डॉ. जाट का कार्य देश की कृषि नीति और किसान हितों के लिए प्रेरणास्रोत है।

राव सीहा सम्मान’ का महत्व

राव सीहा सम्मान’ मारवाड़ के संस्थापक राव सीहा जी के नाम पर दिया जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने समाज, संस्कृति, शिक्षा, विज्ञान और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। मारवाड़ और राजस्थान में इसे अत्यंत प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।

किसानों और कृषि विज्ञान के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. एम.एल. जाट को मिला यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय कृषि अनुसंधान व्यवस्था और देश के किसानों के लिए भी गौरव का विषय है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि वैज्ञानिक नवाचार और किसान-केंद्रित नीतियां देश की कृषि को नई दिशा दे सकती हैं।

मारवाड़ रत्न’ सम्मान से सम्मानित होना डॉ. एम.एल. जाट के कृषि क्षेत्र में किए गए प्रभावशाली कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। जलवायु अनुकूल खेती, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में उनका योगदान आने वाले वर्षों में भी भारतीय कृषि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

ये भी पढ़े: https://newsindia24x7.com/religious/vat-savitri-vrat-2026-first-time-married-women-guide-42325/

बंगाल