Justice (retd) Sivagnanam News: एसआईआर ट्रिब्यूनल से इस्तीफा देने वाले जज टीएस शिवगणनम अब चुनावी मैदान में बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। जिस जज ने हाल ही में ट्रिब्यूनल से अपना पद छोड़ा था, उन्होंने चुनाव में आयोग से जुड़े कई उम्मीदवारों से ज्यादा वोट हासिल कर राजनीतिक हलकों का ध्यान खींच लिया है। उनके प्रदर्शन को मौजूदा सियासी माहौल में एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग के मुकाबले शिवगणनम ने जोड़े थे ज्यादा नाम
रिटायर्ड जस्टिस टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाले ट्रिब्यूनल ने अकेले 1,717 लोगों के नाम वोटर लिस्ट में वापस जोड़ दिए थे, जबकि पूरे चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में सिर्फ 1,607 नाम ही वापस जोड़े थे। विवाद के निपटारे के लिए कुल 19 ट्रिब्यूनल गठित किए गए थे, जिनमें से सिर्फ एक ट्रिब्यूनल ने ही 5 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच 1717 अपीलें निपटा दीं।
पश्चिम बंगाल में 18 ट्रिब्यूनल गठित किए गए थे
पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए कुल 18 ट्रिब्यूनल गठित किए गए थे। ऐसे में अब यह सवाल उठने लगे हैं कि बाकी ट्रिब्यूनलों ने कितने मामलों का निपटारा किया और कितने लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जा सकते थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाले ट्रिब्यूनल ने 1,717 अपीलों को मंजूरी दी, जबकि चुनाव आयोग की ओर से खारिज की गई सिर्फ 60 अपीलों को ही बरकरार रखा गया। इससे ट्रिब्यूनल की कार्यप्रणाली और चुनाव आयोग के फैसलों पर नई बहस शुरू हो गई है।

