Apara Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पड़ने वाली अपरा एकादशी को अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस बार अपरा एकादशी ऐसे समय में पड़ रही है जब पंचक काल भी चल रहा है, इसलिए पूजा-पाठ के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
पंचक के साए में अपरा एकादशी
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, इस समय रोग पंचक प्रभावी हैं, जिसकी शुरुआत 10 मई से हुई थी। ऐसे में अपरा एकादशी का व्रत और पूजा पंचक काल के दौरान की जा रही है। माना जाता है कि पंचक में कुछ कार्यों से बचना चाहिए, ताकि नकारात्मक प्रभावों से दूर रहा जा सके।
आग से जुड़े कामों में रखें सावधानी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान आग से जुड़े कार्य करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। रसोई या किसी भी ज्वलनशील वस्तु के उपयोग में लापरवाही न करने की सलाह दी जाती है।
बड़े फैसले लेने से बचें
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, अपरा एकादशी और पंचक के संयोग में नए निवेश, कारोबार की शुरुआत या जोखिम वाले फैसले टालना बेहतर माना जाता है। साथ ही इस दिन काले रंग के अधिक उपयोग से भी बचने की सलाह दी जाती है।
भगवान विष्णु की करें पूजा
इस दिन भगवान Vishnu की विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना गया है। व्रत रखने के साथ ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
दान-पुण्य का विशेष महत्व
अपरा एकादशी पर जरूरतमंदों और गरीबों को दान देने का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सेवा और दान करने से पुण्य फल में वृद्धि होती है।
क्रोध और विवाद से रहें दूर
मान्यता है कि एकादशी के दिन मन को शांत रखना चाहिए। किसी से झगड़ा, कटु वचन या अपशब्द बोलने से बचना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मकता बढ़ती है और व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता।
किसी का अपमान न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बुजुर्गों, गरीबों और जरूरतमंदों का सम्मान करना चाहिए। कहा जाता है कि अपरा एकादशी पर भगवान विष्णु का स्मरण और अच्छे कर्म जीवन में सकारात्मकता लाते हैं।
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