Actor Vijay Political Journey Story: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। सुपरस्टार थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वैत्री कड़गम (TVK) 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाकर सबको चौंका रही है और DMK-AIADMK दोनों को पीछे छोड़ती नजर आ रही है। आइए जानते हैं कैसे विजय ने फिल्मों से निकलकर सियासत में यह बड़ी छलांग लगाई।
15 माह पहले बनी TVK, अब सरकार बनाने की तैयारी
विजय ने फरवरी 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी TVK की स्थापना की और फिल्मों से संन्यास लेकर पूरी तरह राजनीति में सक्रिय होने का ऐलान किया, जिसने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया। उनकी पार्टी ने 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा और सीधे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव पर फोकस रखा। इसी रणनीति के तहत 27 अक्टूबर 2024 को विल्लुपुरम जिले के विक्रवंडी में विजय ने अपनी पहली बड़ी चुनावी रैली कर सियासी अभियान की शुरुआत की।
पिछले साल रैली में भगदड़ से हुई 41 लोगों की मौत
27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ ने उनकी राजनीतिक यात्रा को बड़ा झटका दिया, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, जबकि पार्टी पदाधिकारियों पर केस दर्ज हुए और CBI ने भी विजय से पूछताछ की। इस बीच विजय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
एक्टर विजय का परिवार के साथ रहा है विवाद
राजनीति में सक्रिय होने से पहले विजय अपने परिवार के साथ विवाद को लेकर भी चर्चा में रहे। बताया जाता है कि यह मतभेद राजनीतिक विचारों को लेकर था। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने ‘ऑल इंडिया थलपति विजय मक्कल इयक्कम’ नाम से संगठन बनाया था, जिस पर आपत्ति जताते हुए विजय ने अपने नाम के इस्तेमाल को लेकर कानूनी कार्रवाई की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पिता की राजनीतिक पहल का हिस्सा नहीं बनना चाहते और बिना अनुमति उनके नाम का उपयोग स्वीकार नहीं करेंगे।
30 साल का रहा है फिल्मी करियर
विजय ने अपने तीन दशक लंबे फिल्मी करियर में करीब 69 फिल्मों में काम किया है। शुरुआती दौर में वे रोमांटिक हीरो के रूप में पहचाने जाते थे, लेकिन 2003 की फिल्म थिरुमलाई के बाद उन्होंने एक्शन हीरो की मजबूत छवि बनाई। थुपक्की, थलाइवा, कत्थी और मर्सल जैसी फिल्मों में वे कॉर्पोरेट शोषण, किसानों के मुद्दे, भ्रष्टाचार और सिस्टम के खिलाफ लड़ते नजर आए। खास तौर पर मर्सल के बाद उन्हें ‘थलापति’ यानी लीडर का खिताब मिला, जिसने उनकी छवि को और मजबूत किया।
आखिरी फिल्म जन नायकन हुई थी लीक
तमिलनाडु चुनाव से पहले विजय ने ऐलान किया था कि ‘जन नायकन’ उनकी आखिरी फिल्म होगी, जिससे उन्होंने अपने फिल्मी करियर को राजनीतिक मोड़ देने का संकेत दिया। 9 जनवरी को पोंगल पर रिलीज होने वाली इस फिल्म को चुनाव से पहले उनके लिए मजबूत मंच माना जा रहा था, लेकिन सेंसर विवाद के चलते इसकी रिलीज अटक गई और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। इसी बीच 9 अप्रैल को फिल्म के ऑनलाइन लीक होने से विवाद और बढ़ गया।
पिता चंद्रशेखर ने बेटे की जीत पर दिया रिएक्शन
एक्टर विजय की ऐतिहासिक जीत पर उनके पिता और फिल्म निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर ने भावुक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर बेहद गर्व है और पिछले दो वर्षों में विजय का आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ है। चंद्रशेखर ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव लड़ना विजय की हिम्मत और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि विजय ने तमिलनाडु की जनता के साथ गहरा रिश्ता बनाया है, जहां लोग उन्हें नेता ही नहीं, बल्कि बेटे और भाई के रूप में भी देखते हैं।

