CJI : भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भूषण रामकृष्ण गवई ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक, CJI गवई ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को यह सिफारिश औपचारिक रूप से भेजी है।
अगर केंद्र सरकार इस सिफारिश को मंजूरी देती है, तो जस्टिस सूर्यकांत देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनेंगे। मौजूदा CJI गवई 23 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, और इसके अगले दिन यानी 24 नवंबर 2025 को जस्टिस सूर्यकांत नया कार्यभार संभाल सकते हैं।
कौन हैं जस्टिस सूर्यकांत?
हरियाणा के हिसार जिले में जन्मे जस्टिस सूर्यकांत वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। उन्होंने 1981 में हिसार के गवर्नमेंट पीजी कॉलेज से स्नातक किया और 1984 में रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। इसी वर्ष उन्होंने हिसार की जिला अदालत से वकालत की शुरुआत की।
कुछ समय बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की और 2004 में वहीं के न्यायाधीश बने। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 24 मई 2019 को वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने।
नियुक्ति की प्रक्रिया
भारतीय न्यायपालिका की परंपरा के अनुसार, किसी भी मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने से लगभग एक माह पहले केंद्र सरकार मौजूदा CJI से उनके उत्तराधिकारी का नाम सुझाने का अनुरोध करती है। इसके बाद वर्तमान मुख्य न्यायाधीश अपने उत्तराधिकारी के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करते हैं।
कार्यकाल लगभग 1.2 वर्ष
यदि केंद्र सरकार जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति को मंजूरी दे देती है, तो वे लगभग 1 साल 2 महीने (1.2 वर्ष) तक देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित है।
ये भी पढ़े – राहुल गांधी ने छठ की बधाई दी, बोले – “यह त्योहार प्रकाश और अनुशासन…”
यह नियुक्ति परंपरा और वरिष्ठता के आधार पर होती है, और जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति से न्यायपालिका में निरंतरता बनी रहने की उम्मीद है।

