होम = Breaking = बंगाल कैबिनेट विस्तार: 41 मंत्रियों की टीम के साथ नया राजनीतिक समीकरण, राज्य की सत्ता संरचना में बड़े बदलाव के संकेत

बंगाल कैबिनेट विस्तार: 41 मंत्रियों की टीम के साथ नया राजनीतिक समीकरण, राज्य की सत्ता संरचना में बड़े बदलाव के संकेत

West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार का दूसरा चरण शुरू हो गया है। सोमवार को राजभवन में राज्यपाल आर. एन. रवि ने 35 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ राज्य मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या बढ़कर 41 तक पहुंच गई है। इससे पहले 4 मई को हुए पहले चरण में मुख्यमंत्री समेत 9 मंत्रियों ने शपथ ली थी।

इन विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

सोमवार को कैबिनेट विस्तार के दौरान शपथ लेने वाले नए मंत्रियों में दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, गौरी शंकर घोष, तापस रॉय, स्वप्न दासगुप्ता, डीके मंडल, राजेश महता, इंद्रनील खान, मालती रेवा रॉय, जॉयल मुर्मू, अशोक डिंडा, आनंदमय बर्मन, शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती, उमेश रॉय और मनोज कुमार ओरान शामिल रहे। इन सभी नेताओं ने राजभवन में राज्यपाल आर. एन. रवि की मौजूदगी में पद और गोपनीयता की शपथ ली।

चुनाव में बीजेपी ने जीती 294 सीटें

बीजेपी ने हालिया विधानसभा चुनाव में 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में 208 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाई थी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने 9 मई को शपथ ग्रहण किया था, उस समय उनके साथ केवल पांच अन्य मंत्रियों को शामिल किया गया था, जिससे मंत्रिपरिषद की कुल संख्या छह रह गई थी। अब नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद यह संख्या बढ़कर 41 हो जाएगी, जो संवैधानिक सीमा के भीतर है। संविधान के प्रावधानों के अनुसार 294 सदस्यीय विधानसभा में मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या 44 तक हो सकती है।

पहले 9 विधायक कैबिनेट में हुए थे शामिल

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। छह सदस्यीय शुरुआती मंत्रिमंडल में बीजेपी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की थी। इसमें ब्राह्मण, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को प्रतिनिधित्व देकर विभिन्न वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश दिया गया था। नए कैबिनेट विस्तार के बाद यह प्रतिनिधित्व और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।