China Warns Trump About Tariffs: एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन ने ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को ‘व्यापार उपायों का दुरुपयोग’ बताते हुए कड़ा विरोध जताया।
क्या कहा चीन ने?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चीन ने हमेशा से टैरिफ के दुरुपयोग का विरोध किया है। उन्होंने अब भी इस स्थिति पर अपना स्पष्ट और स्थायी रुख दोहराया, विशेषकर उस समय जब अमेरिका ने भारत पर ‘टैरिफ बम’ गिराया।
ट्रम्प का टैरिफ शॉक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ का आदेश देते हुए कुल टैरिफ को 50% पर पहुंचा दिया। यह कदम भारत की रूस से तेल खरीद की वजह से उठाया गया, जहां पहले वाला 25% टैरिफ 7 अगस्त से लागू हुआ और बाकी 25% 21 दिनों के बाद शुरू होगा।
भारत की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने इस कदम को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण” करार दिया। उसने स्पष्ट किया कि भारत की तेल खरीद 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है और सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि राष्ट्रीय हितों की रक्षा हो सके।
अविश्वास और भारत–चीन संबंध
इस घटना के परिणामस्वरूप यूएस‑इंडिया संबंधों में खटास बढ़ रही है, जबकि चीन ने कूटनीतिक और व्यापार मोर्चे पर स्पष्ट तौर पर भारत का समर्थन किया है। यह संकेत देता है कि व्यापार नीतियों के माध्यम से दबाव बढ़ने पर अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ों की दिशा बदल सकती है। चीन ने इस व्यापारी कदम का विरोध करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि वह व्यापार नीतियों का दुरुपयोग नहीं चाहता, खासकर जब देशों ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के तहत तेल खरीदा है। अमेरिका की कड़ी कार्रवाई से जहां भारत को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं चीन के राष्ट्रपति न होने की स्थिति में भी इस विरोध से राजनीतिक संकेत मिलते हैं।
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