Gorakhpur Crime News : पिपराइच क्षेत्र के जंगल छत्रधारी गांव में सोमवार देर रात दिल दहला देने वाली वारदात हुई। कथित पशु तस्करों ने 16 वर्षीय दीपक गुप्ता को अगवा कर गोली मार दी। परिजन घायल हालत में उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने एक संदिग्ध तस्कर को पकड़ लिया और उसकी गाड़ी में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस जब कार्रवाई करने पहुंची तो ग्रामीणों से झड़प हो गई। इसमें SP उत्तरी सहित कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। हालात बिगड़ने पर पीएसी और आस-पास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
कैसे हुई वारदात?
जानकारी के मुताबिक, रात लगभग 2:30 बजे करीब 10–12 हथियारबंद लोग दो पिकअप गाड़ियों के साथ गांव पहुंचे। एक वाहन में मवेशी भरे हुए थे, जबकि दूसरी पर तस्कर सवार थे। जब गांव का दीपक गुप्ता उन्हें रोकने लगा तो हमलावरों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, विरोध करने पर पहले उसके पैर और फिर सिर पर गोली मार दी गई। लहूलुहान हालत में उसे गुलरिहा थाना क्षेत्र के सरैया गांव के पास फेंक दिया गया। स्वजन और ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए, मगर उसकी जान नहीं बच सकी।
गांव में तनाव और जाम
मृतक की मौत की जानकारी मिलते ही ग्रामीण उग्र हो गए। उन्होंने एक तस्कर को पकड़कर उसकी पिकअप में आग लगा दी। पुलिस जब उसे हिरासत में लेने आई तो टकराव बढ़ गया। पथराव और धक्का-मुक्की में एसपी उत्तरी जितेंद्र श्रीवास्तव, पिपराइच थानेदार पुरुषोत्तम आनंद सिंह समेत कई अधिकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए।
ग्रामीणों के आरोप और मांगें
दीपक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि यदि समय रहते खोजबीन होती तो दीपक की जान बच सकती थी। गुस्साए लोग मृतक के परिवार को मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और दोषियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं।
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प्रशासन की सख्ती
स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पूरे इलाके में भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। SSP राजकरन नय्यर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी गांव में डेरा डाले हुए हैं। वर्तमान में माहौल तनावपूर्ण है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

