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चांदी के आयात पर सरकार का बड़ा एक्शन, सिल्वर बार इम्पोर्ट पर लगी पाबंदी

by | May 17, 2026 | Cover Story Top

केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए कुछ खास प्रकार के सिल्वर बार (चांदी की ईंटों) के आयात पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी है। सरकार ने यह कदम बदलते वैश्विक हालात और आयात व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब कुछ विशेष श्रेणी के सिल्वर बार को बिना अनुमति भारत में आयात नहीं किया जा सकेगा। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

आखिर सरकार ने क्यों लिया यह फैसला

विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ समय में चांदी के आयात में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। कई कारोबारी कम ड्यूटी या नियमों का फायदा उठाकर विशेष प्रकार के सिल्वर बार आयात कर रहे थे। इससे सरकार को राजस्व नुकसान होने की आशंका थी। सरकार का मानना है कि आयात नियमों में सख्ती लाकर बाजार में पारदर्शिता बढ़ाई जा सकती है और अवैध या गलत श्रेणी में होने वाले आयात पर रोक लगाई जा सकती है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार और धातु बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। ऐसे में सरकार सतर्कता बरतते हुए आयात नीति को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठा रही है।

किन सिल्वर बार पर लगी पाबंदी

सरकार ने कुछ विशेष श्रेणी के सिल्वर बार के आयात को प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। अब इन उत्पादों का आयात केवल तय नियमों और विशेष अनुमति के आधार पर ही संभव होगा। हालांकि सामान्य चांदी के आयात पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई गई है, लेकिन नई पाबंदियों का असर उन व्यापारियों पर अधिक पड़ सकता है जो विशेष श्रेणी के सिल्वर बार का कारोबार करते हैं।

प्लैटिनम पर भी बढ़ाई गई इम्पोर्ट ड्यूटी

सरकार ने सिर्फ चांदी ही नहीं बल्कि प्लैटिनम के आयात शुल्क में भी बड़ा बदलाव किया है। प्लैटिनम पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही गोल्ड डोरे, सिल्वर डोरे, सिक्कों और अन्य संबंधित कीमती धातु उत्पादों पर भी सीमा शुल्क बढ़ाया गया है। सरकार का उद्देश्य आयात को नियंत्रित करना और घरेलू बाजार को संतुलित बनाए रखना बताया जा रहा है।

विशेषज्ञों की क्या राय है

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम राजस्व सुरक्षा और आयात नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि कारोबारियों का कहना है कि अचानक लागू हुई पाबंदियों से व्यापार पर अल्पकालिक असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले समय में सरकार की ओर से और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा सिल्वर बार के आयात पर पाबंदी और प्लैटिनम पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला कीमती धातु कारोबार के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार जहां आयात व्यवस्था को नियंत्रित और पारदर्शी बनाना चाहती है, वहीं इसका असर ज्वेलरी बाजार, व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर भी देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय हालात के आधार पर इस नीति के प्रभाव और स्पष्ट हो सकते हैं।

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