NEET Abolish Demand: नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद तमिलनाडु के नवनियुक्त मुख्यमंत्री Vijay ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा व्यवस्था में मौजूद गंभीर खामियों का सबूत है। विजय ने कहा कि पूर्ववर्ती तमिलनाडु सरकारों की तरह उनकी सरकार भी NEET को खत्म करने की मांग करती है, क्योंकि यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के साथ समझौता कर रही है।
‘पहले भी NEET की विश्वसनीयता पर उठे हैं सवाल’
सीएम विजय ने कहा कि NEET परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब NEET की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। विजय के मुताबिक, 2024 में भी पेपर लीक का मामला सामने आया था, जिसमें 6 राज्यों में FIR दर्ज हुई थीं और जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केंद्र सरकार ने ISRO के पूर्व चेयरमैन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति बनाई थी, जिसने 95 सिफारिशें दी थीं, लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक हुआ और परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
12वीं के अंकों के आधार पर एमबीबीएस और बीडीएस में मिले एडमिशन
मामले को लेकर सीएम विजय ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा व्यवस्था में मौजूद बुनियादी खामियों का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार शुरू से ही NEET का विरोध करती रही है, क्योंकि इस परीक्षा से गांवों, सरकारी स्कूलों, तमिल माध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को नुकसान पहुंचा है। विजय ने मांग की कि NEET को खत्म कर राज्यों को 12वीं के अंकों के आधार पर MBBS, BDS और आयुष पाठ्यक्रमों में दाखिला देने की अनुमति दी जानी चाहिए।

