Bangladesh Dhaka Violence: बांग्लादेश की राजधानी ढाका उस्मान हादी की मौत के बाद एक बार फिर तनाव और भय के घेरे में है। 18 दिसंबर की रात हादी के निधन की खबर सामने आते ही राजधानी की सड़कों पर हालात तेजी से बिगड़ गए। ढाका के अल्पसंख्यक समुदाय और पत्रकार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, घरों में बंद हैं, और शहर का अधिकांश हिस्सा भय और अनिश्चितता से भरा हुआ है।
मीडिया संस्थान बने हमले का निशाना
हादी की मौत की खबर के कुछ ही देर बाद उग्र भीड़ सड़कों पर उतर आई और ढाका के प्रमुख मीडिया संस्थानों, ‘प्रथोम अलो’ और ‘डेली स्टार’ पर हमला किया। ‘प्रथोम अलो’ के मुख्यालय को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि डेली स्टार के दफ्तर में तोड़फोड़ और मलबा फैला हुआ है। पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद यह इलाके संवेदनशील बने हुए हैं।
सांस्कृतिक केंद्र और विश्वविद्यालय भी सुरक्षित नहीं
ढाका का प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र ‘छायानट’ भी भीड़ के निशाने पर रहा। यहां सुरक्षा के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) तैनात की गई है। ढाका विश्वविद्यालय परिसर में छात्र हादी के लिए दुआएं कर रहे हैं, लेकिन माहौल बेहद संवेदनशील है। विश्वविद्यालय के पास जगन्नाथ हॉल में अल्पसंख्यक छात्र सबसे ज्यादा डरे हुए हैं। हॉस्टल के मुख्य गेट पर ताले लगे हुए हैं और छात्र बाहर निकलने से बच रहे हैं।
शाहबाग में फिर उग्र प्रदर्शन
शाहबाग क्षेत्र, जो पहले भी विरोध प्रदर्शन का केंद्र रहा है, फिर से विवादों में है। दीवारों पर हादी के पोस्टर लगे हैं और नारेबाजी जारी है। भीड़ इस्लामिक रिवॉल्यूशन के नारे लगा रही है और शहर का तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
लोकतंत्र पर सवाल
भीड़ ने साफ कर दिया कि निशाने पर सिर्फ अल्पसंख्यक ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र मीडिया भी है। हादी पर विरोध और हमले बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। फिलहाल किसी को नहीं पता कि कब और क्या होगा। बांग्लादेश एक ज्वालामुखी पर बैठा है और पूरे देश में अनिश्चितता और भय का माहौल बरकरार है।
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