Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा में साइबर ठगी का ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां साइबर ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप में शादी का कार्ड भेजकर करीब 150 महिलाओं को निशाना बनाया। दिखने में साधारण लगने वाला यह कार्ड असल में ठगों का जाल था, जिसे खोलते ही कई महिलाओं के मोबाइल फोन हैक हो गए।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, भीलवाड़ा की जैन महिला मंडल नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में तीन दिन पहले शादी का कार्ड भेजा गया था। कार्ड “APK फाइल” के रूप में आया था, जिसे ग्रुप की एक सदस्य ललिता खमेसरा ने साझा किया। कई महिलाओं ने यह सोचकर फाइल डाउनलोड कर ली कि यह किसी परिचित की शादी का निमंत्रण है। लेकिन जैसे ही फाइल ओपन की गई, उनके फोन पूरी तरह ठप पड़ गए। फोन से केवल कॉलिंग ही संभव थी, बाकी सभी ऐप्स और सिस्टम काम करना बंद कर चुके थे।
बैंकिंग ऐप्स के पासवर्ड बदले
इसके बाद महिलाओं ने पाया कि उनके फोन पे और अन्य बैंकिंग ऐप्स के पासवर्ड तक बदल दिए गए हैं। कई महिलाओं के खातों से पैसों के लेन-देन की कोशिशें भी की गईं। हालांकि, ग्रुप की कुछ सतर्क महिलाओं ने समय रहते बाकी सदस्यों को चेतावनी दे दी कि यह शादी का कार्ड असली नहीं बल्कि एक हैकिंग लिंक है। इस त्वरित सतर्कता से बड़ी ठगी होने से कई महिलाएं बच गईं।
सावधान रहने की सलाह
साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि इस तरह की APK फाइलें बेहद खतरनाक होती हैं। ये आपके मोबाइल के सिस्टम तक पूरी पहुंच ठगों को दे देती हैं। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि किसी भी ग्रुप में आए लिंक या फाइल को बिना जांचे-परखे डाउनलोड न करें। यदि गलती से डाउनलोड हो जाए, तो तुरंत सभी पासवर्ड बदलें और फोन को स्कैन करवाएं।
सोशल मीडिया पर भरोसा करने से पहले रहे सतर्क
भीलवाड़ा की यह घटना एक बड़ा सबक है कि सोशल मीडिया पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहना कितना जरूरी है। एक क्लिक आपकी निजी जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स और डिजिटल जीवन सब कुछ खतरे में डाल सकता है। सबक साफ है, शादी का कार्ड हो या ऑफर लिंक, क्लिक करने से पहले सोचिए, वरना अगला नंबर आपका भी हो सकता है।
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