Rajasthan News: कहते हैं किस्मत कब, कहां और कैसे बदल जाए, कोई नहीं जानता। राजस्थान के जयपुर जिले के कोटपुतली इलाके के रहने वाले सब्ज़ी बेचने वाले अमित सेहरा की ज़िंदगी भी ऐसी ही एक कहानी बन गई है, संघर्ष, उम्मीद और अचानक आई खुशियों की। अमित रोज़ सब्ज़ी का ठेला लगाकर अपने परिवार का गुज़ारा करते थे। कुछ दिन पहले वे पंजाब के बठिंडा गए थे, जहां उन्होंने अपने एक दोस्त मुकेश से उधार लेकर पंजाब स्टेट लॉटरी दिवाली बंपर 2025 का टिकट खरीदा। किसे पता था कि यही छोटा-सा कदम उनकी पूरी ज़िंदगी बदल देगा।
संघर्षों का अंत और नए सफर की शुरुआत
31 अक्टूबर को जब लॉटरी का रिज़ल्ट निकला, तो अमित के नाम पर 11 करोड़ रुपये का जैकपॉट निकला। इस खबर ने न केवल कोटपुतली बल्कि पूरे इलाके में हलचल मचा दी। अमित के मुताबिक, “जब मुझे पता चला कि मैंने 11 करोड़ जीते हैं, तो यकीन ही नहीं हुआ। मेरे पास तो इतना भी पैसा नहीं था कि चंडीगढ़ जाकर इनाम की औपचारिकताएं पूरी कर सकूं। मुझे फिर से उधार लेना पड़ा।” चंडीगढ़ पहुंचकर जब अमित ने सारे दस्तावेज पूरे किए, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने कहा, “भगवान ने सच में ‘छप्पर फाड़ के’ दिया है। ये मेरे संघर्षों का अंत और नए सफर की शुरुआत है।”
इंसानियत और भरोसा
अमित ने बताया कि वह इस रकम का बड़ा हिस्सा अपने दोनों छोटे बच्चों की शिक्षा पर खर्च करेंगे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे। इसके अलावा, उन्होंने अपनी किस्मत बदलने में अहम भूमिका निभाने वाले दोस्त मुकेश को 1 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। अमित सेहरा की यह कहानी सिर्फ लॉटरी जीतने की नहीं, बल्कि इंसानियत और भरोसे की भी है। एक दोस्त का छोटा-सा भरोसा, एक आम आदमी की मेहनत और ऊपरवाले की मर्जी, इन तीनों ने मिलकर अमित की ज़िंदगी को एक प्रेरणादायक उदाहरण बना दिया।
अब कोटपुतली का यह सब्ज़ीवाला सिर्फ एक आम दुकानदार नहीं, बल्कि “किस्मत का बादशाह” बन चुका है, जिसकी कहानी हर उस व्यक्ति के लिए उम्मीद की किरण है जो अपने हालात से लड़ रहा है।
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