Mumbai News: मुंबई की लोकल ट्रेन में बीती रात एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने इंसानियत और हिम्मत दोनों की मिसाल पेश की। आधी रात को चलती ट्रेन में एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा उठी, और जब मदद के सारे रास्ते बंद दिखे तब एक आम युवक ने असंभव को संभव कर दिखाया। यह घटना गुरुवार देर रात करीब 12:40 बजे की है। विकास दिलीप बेद्रे नामक युवक गोरेगांव से एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे। ट्रेन जैसे ही राम मंदिर रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी डिब्बे में बैठी एक गर्भवती महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। महिला को तेज़ दर्द उठा और वह कराहने लगी।
इंसानियत की असली परिभाषा
ट्रेन में मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। तभी विकास ने बिना देर किए सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन की चेन पुलिंग की और उसे राम मंदिर स्टेशन पर रुकवा दिया। लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि स्टेशन पर कोई मेडिकल सुविधा या एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विकास ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत अपनी डॉक्टर दोस्त डॉ. देविका देशमुख को फोन किया और पूरी स्थिति बताई। डॉ. देविका ने तुरंत वीडियो कॉल शुरू किया और महिला की हालत देखकर विकास को एक-एक स्टेप में गाइड करने लगीं।
युवक बना मददगार
डॉक्टर की दिशा-निर्देशों के अनुसार विकास ने पूरी प्रक्रिया को बेहद शांत दिमाग से संभाला। स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ही उन्होंने महिला की सफल डिलीवरी कराई। कुछ ही देर बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। आसपास मौजूद यात्रियों ने भी तौलिए और पानी जैसी ज़रूरी मदद पहुंचाई। डिलीवरी के बाद रेलवे अधिकारियों को सूचना दी गई, और मां-बच्चे को तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
A man didn’t wait for anyone.
— ShoneeKapoor (@ShoneeKapoor) October 16, 2025
At 1 AM in a Mumbai local, when chaos broke out as a woman went into labour and everyone froze
— Vikash Bendre stepped up.
He pulled the chain.
Got a doctor on video call.
And helped deliver a baby inside a train. 🚆👶
No training. No… pic.twitter.com/okL60jYpf8
सोशल मीडिया पर जमकर सराहा
इस मानवीय कार्य के बाद सोशल मीडिया पर विकास दिलीप बेद्रे और डॉ. देविका देशमुख की जमकर सराहना हो रही है। लोग दोनों को ‘मॉडर्न डे हीरो’ कहकर सम्मानित कर रहे हैं। विकास ने बताया- “पहली बार ऐसा कुछ किया था, बहुत डर लग रहा था। लेकिन डॉक्टर दोस्त के गाइड करने से हिम्मत आई और सबसे बड़ी राहत ये रही कि मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।” मुंबई लोकल ट्रेन में हुई यह अनोखी डिलीवरी अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक आम युवक ने इंसानियत की असली परिभाषा लिख दी।
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