CBI: Central Bureau of Investigation ने हरियाणा सरकार के कई विभागों, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और CREST चंडीगढ़ से जुड़े कथित बड़े सरकारी धन गबन मामले की जांच के तहत छह स्थानों पर छापेमारी की। यह मामला सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और आपराधिक साजिश से जुड़ा है।
चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में कार्रवाई
CBI के अनुसार, तलाशी अभियान चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर स्थित छह परिसरों में चलाया गया। इनमें हरियाणा कैडर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के आवास, Vipam Consultancy Pvt. Ltd. और उसके निदेशक से जुड़े ठिकाने शामिल हैं। एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और अपराध से अर्जित धन प्राप्त करने से जुड़े मामलों में की गई।
बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत का आरोप
CBI की जांच में ऐसे सबूत सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कुछ सरकारी अधिकारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर खाते खुलवाने, धन के हस्तांतरण और बाद में उसके कथित दुरुपयोग में सहायता की। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में IDFC First Bank और AU Finance Bank से जुड़े प्रकरणों में कथित तौर पर सुविधा उपलब्ध कराने और कार्रवाई न करने के बदले अनुचित लाभ प्राप्त किए गए।
निजी कंपनी के खाते में पहुंची कथित रकम
CBI ने बताया कि नोएडा स्थित Vipam Consultancy Pvt. Ltd. के खाते में कथित अपराध से जुड़ी रकम पहुंचाई गई थी। बाद में यह धन कंपनी के निदेशक के व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित कर दिया गया।
दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति संबंधी कागजात और अन्य प्रासंगिक सामग्री जब्त की है। CBI इन दस्तावेजों की जांच कर रही है।
हरियाणा विजिलेंस और चंडीगढ़ के मामलों को संभाल रही CBI
CBI ने यह मामला हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से अपने हाथ में लिया है। इसके अलावा, चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन में दर्ज दो मामलों की जांच भी अब CBI कर रही है। एजेंसी के अनुसार, ये मामले सरकारी धन के कथित गबन, आपराधिक साजिश और बैंक अधिकारियों व सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से जुड़े अन्य अपराधों से संबंधित हैं।
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