Gujarat News: गुजरात के प्रतिष्ठित बालाचडी सैनिक स्कूल में चल रहे अनुशासनात्मक विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। छात्रों के अभिभावकों ने शनिवार को राज्य की शिक्षा मंत्री रीवाबा जाडेजा से मुलाकात कर स्कूल में फैली अव्यवस्था, शिक्षकों की कमी, तैराकी पर प्रतिबंध और छात्रों के साथ हो रहे उत्पीड़न जैसे कई मुद्दे रखे। बैठक जामनगर सर्किट हाउस में आयोजित की गई, जहां शिक्षा मंत्री ने पूरे मामले की गहराई से जानकारी ली।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में इस समय करीब 575 छात्र पढ़ रहे हैं, लेकिन शिक्षण स्टाफ की भारी कमी के कारण बच्चों की *एनडीए परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। न केवल शिक्षा बल्कि चिकित्सा, भोजन और खेल सुविधाओं की भी हालत खराब है।
सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग
स्थिति तब और बिगड़ गई जब हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें यह आरोप लगाया गया कि कई महीनों से शिक्षकों की अनुपस्थिति में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर्स के साथ रैगिंग की जा रही थी। इस वीडियो ने न केवल अभिभावकों बल्कि पूरे शहर में चिंता पैदा कर दी।अभिभावकों ने इस बैठक में कहा कि स्कूल प्रशासन छात्रों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। इसके चलते बच्चों में भय और असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।
लिए ठोस कदम
बैठक के दौरान रीवाबा जाडेजा ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर और अतिरिक्त कलेक्टर बी.एन. खेर को तुरंत सर्किट हाउस बुलाया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल की प्रधानाचार्या से तत्काल बातचीत की और सभी समस्याओं के 100 प्रतिशत समाधान का भरोसा दिलाया। रीवाबा ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि “अगर भविष्य में भी ऐसी कोई शिकायत मिलती है, तो उसे उच्च स्तर पर उठाकर तुरंत समाधान किया जाएगा।”
अभिभावकों ने ली राहत की सांस
बैठक के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा, “रीवाबा जाडेजा ने हमारी बात गंभीरता से सुनी, प्रधानाचार्या से मुलाकात करवाई और समस्याओं के समाधान का ठोस भरोसा दिलाया।” अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या बालाचडी सैनिक स्कूल में यह सख्ती वास्तव में अनुशासन और शिक्षा दोनों को वापस पटरी पर ला पाएगी।
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