Prime Minister Office New Name: केंद्र सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया है। दशकों से दक्षिण ब्लॉक में संचालित हो रहा PMO अब वायु भवन के पास बने नए हाई-टेक सरकारी कॉम्प्लेक्स सेवा तीर्थ-1 में शिफ्ट होने वाला है। यह परिसर आधुनिक तकनीक, सुरक्षित संचार नेटवर्क और इंटेलिजेंस-प्रूफ सिस्टम से लैस है।
तीन इमारतों का विशाल परिसर
पूरे ‘सेवा तीर्थ’ कैंपस में तीन अत्याधुनिक इमारतें बनाई गई हैं।
सेवा तीर्थ-1: नया प्रधानमंत्री कार्यालय
सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय का मुख्य केंद्र
सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का नया दफ्तर
हाल ही में कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ व तीनों सेना प्रमुखों के साथ सेवा तीर्थ-2 में उच्चस्तरीय बैठक की, जिसे इस नए परिसर की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
‘राजभवन’ भी बना ‘लोक भवन’
सरकारी अधिकारियों के अनुसार शासन की सोच अब ‘सत्ता’ से ‘सेवा’ की ओर बढ़ रही है। इसी विचारधारा के तहत राज्यों के राज्यपालों के आधिकारिक आवास ‘राजभवन’ का नाम बदलकर ‘लोक भवन’ कर दिया गया है। उनका कहना है कि नई पहचानें प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता और जन-प्रथम नीति को दर्शाती हैं।
नाम बदलावों में झलकता वैचारिक परिवर्तन
इससे पहले भी कई सरकारी प्रतीकों के नाम बदले जा चुके हैं।
राजपथ- कर्तव्य पथ
प्रधानमंत्री निवास- लोक कल्याण मार्ग
केंद्रीय सचिवालय- कर्तव्य भवन
अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि प्रशासनिक सोच में गहरे परिवर्तन का संकेत है। शासन अब ‘पद’ नहीं, ‘कर्तव्य’ पर आधारित है। हर नया नाम इस बात की याद दिलाता है कि सरकार का हर संस्थान मूल रूप से जनता की सेवा के लिए है।
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