होम = देश = 1000 साल, 17 हमले, सोमनाथ की अटूट गाथा! विध्वंस का सामना और भारत की आत्मा की जीत

1000 साल, 17 हमले, सोमनाथ की अटूट गाथा! विध्वंस का सामना और भारत की आत्मा की जीत

by | Jan 5, 2026 | देश

1000 Years 0f Ghaznavi’s Attack On Somnath: गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर पर 1026 में महमूद गजनवी के आक्रमण को इस साल 1000 साल पूरे हो गए। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” नाम दिया और लिखा कि यह केवल विध्वंस की कहानी नहीं, बल्कि भारत माता के लाखों संतानों की अटूट आस्था और स्वाभिमान की गाथा है।

व्यक्ति के पापों को दूर कर आत्मा को मुक्त करना

सोमनाथ, द्वादश ज्योतिर्लिंगों में पहला स्थान रखता है। शास्त्रों के अनुसार इसका दर्शन व्यक्ति के पापों को दूर कर आत्मा को मुक्त करता है। विदेशी आक्रमणकारियों ने इसे बार-बार नष्ट किया, लेकिन हर बार भारतीयों ने इसे फिर से खड़ा किया। यही कारण है कि सोमनाथ मंदिर 1951 में भव्य रूप में पुनर्निर्मित हुआ।

सोमनाथ के प्रति भावनाएं कभी न मिट पाई

प्रधानमंत्री मोदी ने बतया कि सोमनाथ का वैभव केवल आस्था तक सीमित नहीं था; यह समाज की आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक भी था। समुद्री व्यापारी और नाविक इसकी गाथा दूर-दूर ले जाते थे। आक्रमणकारी महमूद गजनवी भले लूट कर चला गया, लेकिन सोमनाथ के प्रति भावनाएं कभी मिट नहीं सकीं।

इतिहास में 17 आक्रमणों के बावजूद मंदिर की चेतना हमेशा जीवित रही। देवी अहिल्याबाई होलकर और स्वामी विवेकानंद जैसे महान विभूतियों ने इसे बचाने और पुनः स्थापित करने का पुण्य कार्य किया। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में मंदिर पुनर्निर्मित हुआ, जबकि नेहरू इसे लेकर उत्साहित नहीं थे।

PM मोदी ने लिखा

“मिटाने की मानसिकता रखने वाले खत्म हो जाते हैं, लेकिन सोमनाथ हमेशा हमारे विश्वास का आधार बना रहेगा। यह केवल एक मंदिर नहीं, हमारी सभ्यता, हमारी आत्मा और हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है।” आज 2026 में सोमनाथ मंदिर न केवल 1000 साल के संघर्ष की गवाही देता है, बल्कि यह भविष्य के भारत के निर्माण और विश्व कल्याण की प्रेरणा भी प्रदान करता है।”
जय सोमनाथ!

ये भी पढ़ें: तेल का खेल या राजनीतिक साजिश? वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप से बढ़ा तनाव