Cold And Cough Home Remedies: ठंड का मौसम आते ही छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी और हल्के बुखार की शिकायतें बढ़ने लगती हैं। मौसम में अचानक बदलाव, ठंडी हवाएं और बच्चों की कमजोर इम्यूनिटी उन्हें जल्दी बीमार बना देती है। ऐसे में कई अभिभावक तुरंत दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती लक्षणों में घरेलू नुस्खे काफी कारगर साबित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और पारंपरिक घरेलू उपायों से बच्चों को सर्दी-खांसी में जल्दी राहत मिल सकती है। इन उपायों से न सिर्फ लक्षण कम होते हैं, बल्कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।
अदरक-तुलसी का काढ़ा
यदि बच्चा 5 वर्ष से अधिक उम्र का है, तो उसे हल्का अदरक और तुलसी का काढ़ा दिया जा सकता है। दो कप पानी में 4–5 तुलसी के पत्ते, आधा इंच अदरक और थोड़ा गुड़ डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए, तो छानकर गुनगुना करके पिलाएं। यह काढ़ा गले की खराश, खांसी और हल्के बुखार में राहत देता है।
शहद और काली मिर्च
एक चम्मच शहद में एक चुटकी पिसी काली मिर्च मिलाकर दिन में दो बार चटाने से खांसी और बलगम में आराम मिलता है। ध्यान रहे कि एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद न दें।
सरसों के तेल से मालिश
ठंड में बच्चों के शरीर को गर्म रखना बेहद जरूरी होता है। सरसों के तेल में एक-दो लहसुन की कलियां डालकर हल्का गर्म करें और इससे बच्चे के हाथ-पैर, छाती और पीठ की मालिश करें। इससे शरीर गर्म रहता है और सर्दी-जुकाम से बचाव होता है।
भाप से मिलेगी राहत
नाक बंद होने या सांस लेने में परेशानी होने पर हल्की भाप देना फायदेमंद होता है। गर्म पानी में थोड़ा अजवाइन या विक्स डालकर सुरक्षित दूरी से भाप दिलाएं। इससे नाक खुलती है और खांसी में आराम मिलता है।
अजवाइन की पोटली
सूखी कढ़ाही में अजवाइन भूनकर कपड़े में बांध लें। इस पोटली से बच्चे की छाती और पीठ पर हल्का सेक करने से बलगम ढीला पड़ता है और खांसी कम होती है।
हल्दी वाला दूध
हल्दी को प्राकृतिक एंटीसेप्टिक माना जाता है। रात में सोने से पहले गुनगुना हल्दी वाला दूध देने से सर्दी-खांसी में राहत मिलती है और बच्चे की नींद भी बेहतर होती है।
बचाव के जरूरी उपाय
डॉक्टरों की सलाह है कि सर्दियों में बच्चों को ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक देने से बचें। सुबह-शाम ठंडी हवा में बाहर न निकलने दें। ऊनी कपड़े पहनाएं और सिर, कान व पैरों को ढककर रखें। घर में हवा का प्रवाह रखें, लेकिन बच्चे पर सीधी ठंडी हवा न लगने दें।
कब दिखाएं डॉक्टर को
यदि बुखार तीन दिन से अधिक बना रहे, सांस लेने में दिक्कत हो या बच्चा ज्यादा सुस्त दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। शुरुआती दौर में इन घरेलू उपायों को अपनाकर बच्चों को दवाओं से दूर रखते हुए सर्दी के मौसम में स्वस्थ रखा जा सकता है।
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