राज्यों का दौरा कर रहा है 8वां वेतन आयोग
8th Pay Commission: अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहा है और कर्मचारी संगठनों, यूनियनों तथा अन्य हितधारकों के साथ बैठकें कर रहा है। इन बैठकों का उद्देश्य सभी पक्षों के सुझाव और राय जुटाना है। आयोग से उम्मीद की जा रही है कि वह 2027 के मध्य तक कई अहम फैसले ले सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष गठित इस आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन तथा फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी को लेकर बड़े फैसले आने की उम्मीद है। कई कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष फिटमेंट फैक्टर को 3.80 से अधिक करने का प्रस्ताव रखा है।
कितने लोगों पर पड़ेगा असर?
8वें वेतन आयोग के फैसलों का असर करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 65 लाख सेवानिवृत्त केंद्रीय पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। इनमें रक्षा क्षेत्र के कर्मचारी और पेंशनर्स भी शामिल हैं।
कौन हैं आयोग के सदस्य?
8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग में पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं, जबकि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और वित्त के प्रोफेसर पुलक घोष आयोग के सदस्य के रूप में शामिल हैं।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और क्यों है यह महत्वपूर्ण?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक (मल्टीप्लायर) है, जिसके आधार पर पुराने मूल वेतन (बेसिक पे) को नए संशोधित वेतन में बदला जाता है। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी भी उतनी ही ज्यादा होगी।
इसका असर ग्रेच्युटी, भविष्य निधि (पीएफ) योगदान और बेसिक पे से जुड़ी अन्य गणनाओं पर भी पड़ता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि फिटमेंट फैक्टर 2.60 से 2.85 के बीच रहता है, तो वेतन में 24 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। ऐसे में 20,000 से 22,000 रुपये का मौजूदा बेसिक वेतन बढ़कर लगभग 46,600 से 57,000 रुपये तक पहुंच सकता है।
कितना हो सकता है नया फिटमेंट फैक्टर?
8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठनों ने बढ़ती महंगाई और हालिया आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए 3.0 से 3.83 तक का फिटमेंट फैक्टर सुझाया है, जिससे नए वेतन ढांचे पर बड़ा असर पड़ सकता है।
वहीं, क्लियर टैक्स के अनुसार पुराने अनुमानों के आधार पर फिटमेंट फैक्टर 1.82 से 2 के बीच रहने का अनुमान है, जबकि उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह 2 से 2.57 के बीच हो सकता है।
हाल के प्रस्तावों में नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने करीब 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की है। हालांकि, अंतिम फैसला केंद्र सरकार ही करेगी।
कब तक आ सकती हैं सिफारिशें?
आयोग ने सुझाव और ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून तय की है। औपचारिक ज्ञापन जमा करने की प्रक्रिया मार्च 2026 में शुरू हुई थी। इसकी शुरुआत 5 मार्च 2026 से हुई थी और इससे पहले 30 अप्रैल और 31 मई की समय-सीमा भी निर्धारित की गई थी।
योजना के अनुसार, 3 नवंबर 2025 को गठित होने के करीब 18 महीने बाद आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें सौंप सकता है। ऐसे में फरवरी 2027 तक सिफारिशें आने की संभावना है।
कब तक लागू हो सकती है नई वेतन व्यवस्था?
पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखते हुए सिफारिशें आने के बाद उन्हें पूरी तरह लागू होने में दो से तीन साल का समय लग सकता है। ऐसे में यदि वेतन बढ़ोतरी की घोषणा 2027 में होती है, तो उसका पूर्ण क्रियान्वयन 2029 या 2030 तक हो सकता है।

