Kerala: केरल में बुधवार को निपाह वायरस का एक नया मामला सामने आया, जब कोझिकोड में एक 40 वर्षीय व्यक्ति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए संपर्क में आए लोगों की पहचान और निगरानी शुरू कर दी है।
कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा इलाज
संक्रमित व्यक्ति का इलाज फिलहाल कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मरीज निपाह वायरस पॉजिटिव पाया गया है, हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए वायरोलॉजी प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुष्टि रिपोर्ट आने से पहले ही राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने के लिए कंटेनमेंट प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं।
संपर्क में आए लोगों की पहचान और निगरानी शुरू
सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के तहत मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है और उनकी निगरानी की जा रही है, ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।
क्या है निपाह वायरस?
निपाह वायरस एक ऐसा संक्रमण है, जो जानवरों, विशेष रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों (Fruit Bats), से इंसानों में फैलता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क में आने से भी यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है। इस वायरस से मृत्यु दर काफी अधिक है और फिलहाल इसके लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है।
पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले
केरल में इससे पहले 2018, 2019, 2021 और 2023 में निपाह वायरस के प्रकोप दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश मामले कोझिकोड जिले से सामने आए थे। वर्ष 2018 से 2023 के बीच राज्य में निपाह वायरस के कुल 31 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 24 लोगों की मौत हुई थी।
पहले के अनुभवों के आधार पर मजबूत हुई निगरानी व्यवस्था
पिछले प्रकोपों के बाद केरल ने निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को काफी मजबूत किया है। इसी कारण नए मामले के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
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