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ममता ने कल्याण बनर्जी पर जताया भरोसा, लोकसभा में बनाया मुख्य सचेतक

Kalyan Banerjee Statement: पार्टी में बगावत की खबरों के बीच ममता बनर्जी ने बड़ा कदम उठाते हुए कल्याण बनर्जी को लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस का मुख्य सचेतक नियुक्त कर दिया है। इसके लिए उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी भेज दिया है। लेकिन इस फैसले की टाइमिंग ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

बागी सांसदों ने NDA में शामिल होने की मंशा जताई

एक दिन पहले ही टीएमसी के बागी सांसदों ने दावा किया था कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर एनडीए में शामिल होने की मंशा जताई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ममता बनर्जी का यह कदम पार्टी के भीतर बढ़ती असंतोष की आवाजों को नियंत्रित करने की कोशिश है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति छिपी है?

कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों के दावों पर उठाए सवाल

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि काकोली घोष की ओर से स्पीकर को भेजी गई कथित चिट्ठी अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है और लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय ने भी ऐसी किसी चिट्ठी के मिलने की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बागी सांसद अब ममता बनर्जी के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। साथ ही कहा कि दल-बदल कानून से बचने के लिए उन्हें आखिरकार बीजेपी में शामिल होना पड़ सकता है।

क्या होती है मुख्य सचेतक की भूमिका?

लोकसभा में मुख्य सचेतक यानी चीफ व्हिप पार्टी और उसके सांसदों के बीच समन्वय की अहम कड़ी होता है। उसकी जिम्मेदारी सदन में पार्टी के सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करना, उन्हें पार्टी की रणनीति और निर्देशों से अवगत कराना तथा महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर पार्टी लाइन के मुताबिक मतदान करवाना होती है। इसके अलावा चीफ व्हिप सदन में पार्टी के अनुशासन और संसदीय प्रबंधन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।