Iran Hormuz Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई हलचल तेज हो गई है। ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लागू कर सकता है। साथ ही सैन्य सामान ले जाने वाले जहाजों पर सख्ती की भी तैयारी की जा रही है। दूसरी ओर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर लगेगा शुल्क
ईरान के अधिकारियों के मुताबिक, सरकार जल्द ही जहाजों की आवाजाही के लिए नया ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर सकती है। इसके तहत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जाएगा और उनके लिए निर्धारित समुद्री मार्ग तय किए जाएंगे।
ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने कहा कि यह कदम युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि केवल वही देश और व्यापारिक जहाज इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे जो ईरान के साथ सहयोगात्मक संबंध बनाए रखेंगे।
सैन्य सामान ले जाने वाले जहाजों पर बढ़ सकती है सख्ती
ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा कि ईरान अपने विरोधी देशों के सैन्य उपकरणों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं देगा। वहीं संसद के डिप्टी स्पीकर अली निकजाद ने बताया कि नया कानून राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
IRGC ने जारी किया नया समुद्री मार्ग
इससे पहले इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट का नया नक्शा जारी किया था। इसमें जहाजों के लिए एक नया सुरक्षित समुद्री रास्ता दिखाया गया है, जो ईरान के तट के अधिक करीब माना जा रहा है।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि यदि जल्द कोई शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ गया है।
संसद में नए कानून की तैयारी
ईरानी सांसद अलीरेजा अब्बासी ने कहा कि संसद एक ऐसा कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत उन जहाजों की आवाजाही सीमित की जा सकती है जो ईरान विरोधी देशों के लिए सैन्य सामग्री लेकर गुजरते हैं। ऐसे जहाजों पर अतिरिक्त नियम और शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है।
रूस और चीन ने युद्धविराम की वकालत की
होर्मुज संकट को लेकर रूस ने चीन के रुख का समर्थन किया है। रूसी राजनयिक मिखाइल उल्यानोव ने कहा कि स्थायी युद्धविराम ही मौजूदा तनाव का समाधान है। वहीं चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।
इसी बीच बहरीन और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें ईरान से होर्मुज स्ट्रेट में हमलों और बारूदी सुरंगों की गतिविधियों को रोकने की मांग की जा सकती है।
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