Udhayanidhi spews venom Against Hindus: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर उदयनिधि स्टालिन के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विधानसभा में संबोधन के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि लोगों को बांटने वाले ‘सनातन’ को खत्म कर देना चाहिए। उनके इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी प्रवक्ता सीआर केशवन ने इसे ‘जहरीली बकवास’ बताते हुए आरोप लगाया कि उदयनिधि स्टालिन नफरत और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं।
बीजेपी ने उदयनिधि के बयान की आलोचना की
सीआर केशवन ने उदयनिधि स्टालिन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जैसे राहुल गांधी ने सेंगोल और राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का मजाक उड़ाया था, उसी तरह उदयनिधि स्टालिन भी तमिलनाडु की जनता से चुनावी झटका मिलने के बावजूद अपनी “जहरीली बकवास” जारी रखे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके विभाजनकारी राजनीति करती है और कार्तिकई दीपम जैसे धार्मिक आयोजनों का विरोध करती रही है। केसवन ने यह भी कहा कि एमके स्टालिन ने कभी तमिलनाडु की जनता को दीपावली की शुभकामनाएं तक नहीं दीं। बीजेपी प्रवक्ता सीआर केशवन ने कहा कि डीएमके नेताओं की ओर से हिंदू धर्म को लेकर बार-बार आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती रही हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के राजकीय प्रतीक में मंदिर का गोपुरम अंकित है और राज्य की जनता अपने धर्म और आस्था के खुले अपमान को न भूलेगी, न माफ करेगी।
पूर्व में भी उदयनिधि दे चुके हैं विवादित बयान
Udhayanidhi Stalin इससे पहले भी सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। चेन्नई में आयोजित ‘सनातन उन्मूलन सम्मेलन’ में उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से की थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि ऐसी चीजों का सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उन्हें पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए। इस बयान के बाद देशभर में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
विधानसभा में DMK के विधायक दल के नेता हैं उदयनिधि
डीएमके ने उदयनिधि स्टालिन को तमिलनाडु विधानसभा में विधायक दल का नेता चुना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता केएन नेहरू को विधायक दल का उपनेता और ईवी वेलू को पार्टी का सचेतक नियुक्त किया गया है। 59 विधायकों के साथ डीएमके विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रही है।

