होम = Breaking = रेस्तरां में एलपीजी की जगह होने लगा लकड़ी का प्रयोग! होटलों को बंद होने का डर, जानें क्या है सरकार की प्राथमिकता

रेस्तरां में एलपीजी की जगह होने लगा लकड़ी का प्रयोग! होटलों को बंद होने का डर, जानें क्या है सरकार की प्राथमिकता

Commercial LPG supply crisis: भारत के कई हिस्सों में व्यावसायिक इस्तेमाल वाले एलपीजी सिलेंडरों की कमी की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति पर नजर रखने और शिकायतों के समाधान के लिए एक समिति का गठन किया है। साथ ही, एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए तेल कंपनियों को उत्पादन तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, तीन सदस्यीय इस समिति में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के कार्यकारी निदेशक शामिल हैं।

वैश्विक हालात के बीच एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश

हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण ईंधन आपूर्ति पर दबाव है। ऐसे में एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और इसकी उपलब्धता को घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों तथा शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता देने के कदम उठाए गए हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि होटल और रेस्तरां जैसे अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग की समीक्षा नई गठित समिति द्वारा की जाएगी। यह समीक्षा आवश्यकता, पात्रता और उपलब्धता को ध्यान में रखकर की जाएगी।

व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए आवेदन की व्यवस्था

तेल कंपनियों ने कुछ ई-मेल पते भी साझा किए हैं, जिनके माध्यम से व्यावसायिक संस्थान अपनी आवश्यक मांग दर्ज करा सकते हैं। संबंधित क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन कर आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर समायोजित किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि रेस्तरां और होटल उद्योग की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।

घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ने का दावा

कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में देश में एलपीजी उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। एक अधिकारी ने कहा कि शुरुआती स्तर पर चिंता जरूर थी, लेकिन फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर देश में कोई बड़ा संकट नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा तनाव

मौजूदा स्थिति का मुख्य कारण पश्चिम एशिया का तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी अनिश्चितता बताई जा रही है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत अब अपने कच्चे तेल का लगभग 70 प्रतिशत आयात ऐसे स्रोतों से कर रहा है जो इस जलडमरूमध्य पर निर्भर नहीं हैं।

सरकार ने दिए अतिरिक्त निर्देश

पेट्रोलियम मंत्री ने हाल ही में कहा कि देश के पास एलपीजी सहित पेट्रो-उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसके अलावा सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करते हुए रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त उत्पादन को मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।

गैस आपूर्ति के लिए नए मानक तय

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार:

  • घरेलू पाइप्ड गैस, परिवहन के लिए सीएनजी और पाइपलाइन संचालन से जुड़े क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • उर्वरक संयंत्रों को उनकी पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का लगभग 70 प्रतिशत उपलब्ध कराया जाएगा।
  • उद्योगों और अन्य वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए यह स्तर लगभग 80 प्रतिशत तय किया गया है।

इसके अलावा, शहरी गैस वितरण कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने नेटवर्क में औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को औसत खपत के करीब 80 प्रतिशत तक आपूर्ति सुनिश्चित करें।

जमाखोरी रोकने के लिए बुकिंग नियम बदले

सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए दो एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है।

राज्यों में दिखने लगा असर

कुछ राज्यों से व्यावसायिक एलपीजी की कमी की खबरें सामने आई हैं। महाराष्ट्र में राज्य सरकार के एक मंत्री ने संकेत दिया कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के कारण होटल और रेस्तरां को गैस आपूर्ति में कमी का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि कई होटल संचालकों ने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है और इसे लेकर मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा की गई है।

केरल में होटल उद्योग प्रभावित

केरल से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि कई होटल और रेस्तरां को एलपीजी सिलेंडर मिलने में कठिनाई हो रही है। कुछ प्रतिष्ठानों ने खाना पकाने के लिए अस्थायी रूप से लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

होटल संचालकों का कहना है कि बड़े प्रतिष्ठान रोजाना कई सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, इसलिए आपूर्ति में थोड़ी भी बाधा संचालन को प्रभावित कर सकती है।

होटल संगठनों की सरकार से अपील

होटल और रेस्तरां से जुड़े संगठनों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।

भारत में एलपीजी की खपत का परिदृश्य

भारत में हर साल लगभग 31 मिलियन टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से करीब 87 प्रतिशत घरेलू उपयोग में आता है, जबकि बाकी हिस्सा होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होता है। देश की कुल मांग का लगभग 62 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा किया जाता है