होम = Breaking = Parama Ekadashi 2026: आज मनाई जा रही है परमा एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त; पूजा विधि और व्रत का महत्व

Parama Ekadashi 2026: आज मनाई जा रही है परमा एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त; पूजा विधि और व्रत का महत्व

Parama Ekadashi 2026: अधिकमास में पड़ने वाली परमा एकादशी का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है और इसे पुण्य, तप तथा आध्यात्मिक उन्नति का पर्व कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की दृष्टि से भी उपवास शरीर को विश्राम देने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

अधिकमास में विशेष होती है परमा एकादशी

हिंदू पंचांग के अनुसार सामान्य वर्ष में 24 एकादशियां आती हैं, लेकिन जब अधिकमास का संयोग बनता है तो दो अतिरिक्त एकादशियां भी शामिल हो जाती हैं। अधिकमास में आने वाली परमा एकादशी को अत्यंत दुर्लभ और विशेष फल देने वाली माना जाता है। यह एकादशी केवल पुरुषोत्तम मास में ही पड़ती है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

परमा एकादशी 2026 का शुभ समय

इस वर्ष परमा एकादशी की तिथि 11 जून को रात्रि 12:57 बजे प्रारंभ हुई है। यह तिथि आज रात 10:36 बजे तक रहेगी। व्रत का पारण 12 जून को प्रातः 5:23 बजे से सुबह 8:10 बजे के बीच किया जा सकता है।

कैसे करें परमा एकादशी का व्रत और पूजा

धार्मिक ग्रंथों में परमा एकादशी व्रत को अत्यंत शुभ बताया गया है। कई श्रद्धालु इस व्रत को पांच दिनों तक विशेष नियमों के साथ भी करते हैं। व्रत के दौरान अन्न का त्याग कर फलाहार, दूध या अन्य सात्विक तरल पदार्थों का सेवन किया जाता है। कुछ भक्त निर्जला व्रत भी रखते हैं।

व्रत वाले दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करें। पूजा के दौरान “ॐ नमो नारायणाय” तथा “विष्णवे नमः” मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा विष्णु सहस्त्रनाम, भगवद्गीता और अन्य धार्मिक ग्रंथों का पाठ भी किया जा सकता है। द्वादशी तिथि पर व्रत का समापन किया जाता है। इस अवसर पर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या भोजन का दान करना शुभ माना गया है। पारण के समय हल्का और सात्विक आहार ग्रहण करने की सलाह दी जाती है।

व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

एकादशी व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं बल्कि मन और विचारों की शुद्धि का भी माध्यम माना जाता है। इस दिन क्रोध, विवाद और नकारात्मक सोच से बचना चाहिए। भगवान विष्णु के नाम का स्मरण, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य करने से व्रत का महत्व और बढ़ जाता है।

परमा एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परमा एकादशी का व्रत करने से आर्थिक परेशानियां दूर होने लगती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। यह व्रत संतान सुख, यश, सम्मान और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाला माना गया है।

कहा जाता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए इस व्रत से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा व्यक्ति को मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। इसलिए जिन लोगों की कोई विशेष मनोकामना हो, उन्हें इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ भगवान नारायण की पूजा और व्रत करना चाहिए।

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