PM Modi NITI Aayog : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की अहम बैठक 11 जून को राष्ट्रपति भवन स्थित सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित की जाएगी। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी हिस्सा लेंगे। इस बार बैठक का मुख्य विषय “विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रखा गया है, जिसके तहत मानव संसाधन विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।
मानव विकास के चार प्रमुख आयामों पर रहेगा फोकस
बैठक में मानव विकास को गति देने के लिए चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास और मजबूत मानव पूंजी निर्माण, रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला विकेंद्रीकृत विकास मॉडल, स्वास्थ्य-पोषण एवं जनकल्याण तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए समान अवसर और गरिमा सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल हैं।
शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष चर्चा
नीति आयोग के एजेंडे के अनुसार मानव पूंजी निर्माण के लिए प्रारंभिक बाल शिक्षा, स्कूली शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा तथा खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को प्रमुख विषयों में शामिल किया गया है। इन मुद्दों पर दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में बनी सहमति के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मुख्यमंत्रियों को मिलेगा सीमित समय
बैठक के दौरान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को अपने सुझाव और अनुभव साझा करने के लिए सात मिनट का समय निर्धारित किया गया है। प्रस्तुतियों की निगरानी ऑन-स्क्रीन टाइमर के माध्यम से की जाएगी। साथ ही, विस्तृत लिखित प्रस्तुतियों को स्वतः रिकॉर्ड का हिस्सा माना जाएगा।
प्रशासन में AI और डेटा गवर्नेंस पर जोर
राज्यों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डेटा गवर्नेंस को मजबूत करने तथा स्थानीय प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
136 कार्य बिंदुओं की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा
मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े 136 कार्य बिंदुओं की प्रगति का भी आकलन किया जाएगा। इनमें कई कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि अधिकांश पर विभिन्न स्तरों पर काम जारी है। इन परियोजनाओं की निगरानी एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।
आंगनवाड़ी और स्कूलों के एकीकरण की रणनीति पर चर्चा
बैठक के एजेंडे में आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूल परिसरों से जोड़ने की योजना भी प्रमुखता से शामिल है। सरकार का उद्देश्य बच्चों के विद्यालयों में नामांकन और संक्रमण दर को बेहतर बनाना है। इसी दिशा में बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी केंद्र पहले से स्कूल परिसरों में संचालित किए जा रहे हैं।
‘पंखुड़ी पोर्टल’ की प्रगति का होगा मूल्यांकन
जनवरी 2026 में शुरू किए गए ‘पंखुड़ी पोर्टल’ के माध्यम से कॉरपोरेट जगत, सामाजिक संगठनों और प्रवासी भारतीयों को आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास से जोड़ा गया है। अब तक हजारों केंद्रों के उन्नयन के लिए CSR सहयोग प्राप्त हुआ है, जिसकी प्रगति रिपोर्ट भी बैठक में पेश की जाएगी।
कुपोषण में कमी को बताया जाएगा उपलब्धि
बैठक में बच्चों में कुपोषण के विभिन्न संकेतकों में आई गिरावट को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप पोषण योजनाओं और नई पोषण वाटिकाओं की स्थापना से इस दिशा में सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रही कल्याणकारी योजनाएं
पोषण ट्रैकर प्रणाली को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) और APAAR आईडी से जोड़ने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। इससे लाभार्थियों की निगरानी और सेवाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है।
PM JANMAN योजना की होगी समीक्षा
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के लिए संचालित प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत स्थापित आंगनवाड़ी केंद्रों और उनके बुनियादी ढांचे की प्रगति का भी मूल्यांकन किया जाएगा। योजना के तहत स्वीकृत अधिकांश केंद्रों में सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जबकि कई भवनों का निर्माण कार्य जारी है।
विकसित भारत 2047 की दिशा में अहम कदम
नीति आयोग की यह बैठक केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, मानव विकास को नई गति देने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मानी जा रही है। बैठक से विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत दिशा तय होने और राज्यों के साथ साझी विकास रणनीति मजबूत होने की उम्मीद है।
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