Parliament Session 2026: संसद के विशेष सत्र में इस बार कई अहम मुद्दों पर जोरदार चर्चा देखने को मिल सकती है। लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताने के संकेत दिए हैं। इस मुद्दे पर विस्तृत बहस के लिए लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने कुल 18 घंटे निर्धारित किए हैं।
इसी बीच, नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) पर चर्चा शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से देश की महिलाओं को संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि भारत महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र की असली ताकत है, और सरकार इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
नारी को बताया ज्ञान और शक्ति का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के साथ एक छोटा वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक संस्कृत श्लोक के माध्यम से नारी की महत्ता को दर्शाया गया। इस श्लोक का भाव यह है कि महिला अपने ज्ञान और प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को मिटाकर पूरे संसार को प्रकाशित करती है। इसलिए जो लोग समृद्धि और सद्गुणों की कामना करते हैं, वे सदैव नारी का सम्मान करते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अपने संदेश में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वे अपनी ऊर्जा और तेज से दुनिया को रोशन करती हैं और समाज के पोषण में अहम योगदान देती हैं।
संसद के इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल और लोकसभा सीटों के पुनर्गठन जैसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की पूरी संभावना है।
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