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जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले CJP की अपील: पुलिस को दें फूल और किताब, हिंसा से रहें दूर

CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज एक अनोखे और चर्चित विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 6 जून को बड़े स्तर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है, जो संगठन का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम माना जा रहा है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगे और पुलिस से जरूरी अनुमति व औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सुबह 9 बजे से प्रदर्शन शुरू करने की योजना है। इस प्रदर्शन को लेकर CJP ने अपने समर्थकों के लिए विशेष गाइडलाइंस भी जारी की हैं, जिनमें शांतिपूर्ण विरोध, अहिंसा और पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

प्रदर्शन को लेकर जारी की गई विशेष गाइडलाइंस

प्रदर्शन से पहले CJP ने अपने समर्थकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या पुलिस के साथ टकराव से बचने की अपील की गई है। पार्टी ने समर्थकों से कहा है कि वे अपने व्यवहार से सकारात्मक संदेश दें और विरोध के दौरान अनुशासन बनाए रखें। इसके लिए पुलिसकर्मियों को फूल और किताबें भेंट करने जैसी प्रतीकात्मक गतिविधियों का भी सुझाव दिया गया है।

प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और वरुण दास ने कहा कि अभिजीत दीपके पहले पुलिस से अनुमति और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करेंगे, फिर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने छात्रों की परेशानियों और हाल की आत्महत्या घटनाओं का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की।

प्रदर्शन को लेकर जारी की गई विशेष गाइडलाइंस

प्रदर्शन से पहले CJP ने अपने समर्थकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या पुलिस के साथ टकराव से बचने की अपील की गई है। पार्टी ने समर्थकों से कहा है कि वे अपने व्यवहार से सकारात्मक संदेश दें और विरोध के दौरान अनुशासन बनाए रखें। इसके लिए पुलिसकर्मियों को फूल और किताबें भेंट करने जैसी प्रतीकात्मक गतिविधियों का भी सुझाव दिया गया है।