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Supreme Court: भारत को चाहिए ‘स्वदेशी न्याय व्यवस्था’ अगले CJI सूर्यकांत का बड़ा संदेश

by | Nov 23, 2025 | Big News

Supreme Court :  भारत के अगले चीफ जस्टिस बनने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने भारतीय न्यायपालिका के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने एक न्यूज चैनल पर साफ कहा कि अब समय आ गया है कि भारत ब्रिटिश मॉडल की अदालतों से आगे बढ़कर अपनी ‘स्वदेशी जूडिशियल सिस्टम’ डेवलप करे।

‘भारत की न्यायपालिका में बड़े बदलाव की जरूरत’

जानकारी के लिए बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। जस्टिस सूर्यकांत ने बताया कि इंडियन जूडिशियरी को असली भारतीय रूप देने के लिए कई स्तरों पर सुधार की जरूरत है। सिर्फ प्रक्रियाओं में नहीं बल्कि सोच और ढांचे में भी बदलाव करना होगा। उन्होंने आगे कहा, औपनिवेशिक न्यायालयों से आगे बढ़कर भारतीय मॉडल बनाने का वक्त आ गया है।

ब्रिटिश मॉडल से बाहर निकलने का समय – जस्टिस सूर्यकांत

आगे उन्होंने कहा कि भारत की अदालतें आज भी काफी हद तक ब्रिटिश शासन के दौरान डिजाइन की गई प्रणाली पर चलती हैं, चाहे वह कोर्टरूम की प्रक्रिया हो, कोर्ट की भाषा हो या कई पुराने कानून।

आगे जस्टिस सूर्यकांत कहते हैं कि पूरा न्यायिक ढांचा औपनिवेशिक संदर्भ में बना था। उसे भारतीय समाज की वर्तमान जरूरतों के हिसाब से बदलना आवश्यक है। यह बदलाव कई स्तरों पर होना है। स्ट्रक्चरल, प्रॉसेस और जूडिशियरी कल्चर-तीनों को भारतीय बनाना होगा।

आगे कहा कि भारतीय न्याय प्रणाली ऐसी होनी चाहिए कि न्याय कागज पर न रहे बल्कि जनता उसे महसूस करे। वह भारत की सामाजिक संरचना का हिस्सा बने। न्याय सिर्फ दिया न जाए, जनता उसे महसूस भी करें।

सही न्याय पर ध्यान दिया जाएगा

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि  नए भारत की न्याय प्रणाली तभी मजबूत होगी जब वह आम नागरिक विशेषकर ग्रामीण भारत के लिए आसान हो। उन्होंने कहा, औपनिवेशिक अदालतें जनता से दूर थीं, उनका डिजाइन सत्ता-केंद्रित था। आम आदमी अदालत में जाते ही घबरा जाता है। कई प्रक्रियाएं इतनी तकनीकी हैं कि न्याय तक पहुंच मुश्किल हो जाती है। उन्होंने जोर दिया, एक असली भारतीय न्यायपालिका वह होगी जो सरल हो, डिजिटल हो, और ग्रामीण नागरिक भी बिना डर के उसे इस्तेमाल कर सके।