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एवरेस्ट फतह के बाद लौटी दुखद खबर, वापसी के दौरान 2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी Mount Everest से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सफलतापूर्वक एवरेस्ट फतह करने वाले दो भारतीय पर्वतारोहियों की वापसी के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों पर्वतारोही शिखर पर पहुंचने में सफल रहे थे, लेकिन नीचे लौटते समय मौसम, ऑक्सीजन की कमी और अत्यधिक थकान जैसी परिस्थितियों का सामना नहीं कर सके। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि मृतकों में शामिल एक पर्वतारोही ने कुछ दिन पहले ही एक बड़ा विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

सफलता के बाद कैसे हुआ हादसा

सूत्रों के अनुसार दोनों भारतीय पर्वतारोहियों ने निर्धारित अभियान के तहत एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की थी। शिखर तक पहुंचने के बाद टीम वापसी शुरू कर चुकी थी, लेकिन इसी दौरान अचानक परिस्थितियां बिगड़ने लगीं। ऊंचाई वाले क्षेत्र में
ऑक्सीजन स्तर बेहद कम हो जाता है, मौसम तेजी से बदलता है, शरीर की ऊर्जा खत्म होने लगती है, तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है, विशेषज्ञों का कहना है कि एवरेस्ट पर चढ़ाई से ज्यादा खतरनाक वापसी का सफर माना जाता है, क्योंकि उस समय पर्वतारोहियों का शरीर पूरी तरह थक चुका होता है।

एक पर्वतारोही ने बनाया था विश्व रिकॉर्ड

इस दुखद घटना का सबसे भावुक पहलू यह है कि मृतकों में शामिल एक भारतीय पर्वतारोही ने दो दिन पहले ही एक खास उपलब्धि हासिल की थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने पर्वतारोहण से जुड़ा एक विश्व रिकॉर्ड बनाकर देश का नाम रोशन किया था। उनकी इस सफलता की खबर सोशल मीडिया और खेल जगत में तेजी से वायरल हुई थी। लेकिन रिकॉर्ड बनाने के कुछ ही दिन बाद उनकी मौत की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

खेल और पर्वतारोहण जगत में शोक

दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत की खबर सामने आने के बाद खेल और एडवेंचर जगत में शोक की लहर फैल गई। कई खिलाड़ियों, पर्वतारोहियों और सामाजिक संगठनों ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दोनों ने साहस, जुनून और देश के लिए कुछ बड़ा करने की भावना का परिचय दिया।
सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी उपलब्धियों को याद करते हुए दुख व्यक्त कर रहे हैं।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे के बाद दोनों पर्वतारोहियों के परिवारों में गहरा मातम है। परिजनों का कहना है कि उन्हें अपने प्रियजनों की सफलता पर गर्व था और वे सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे थे। लेकिन अचानक आई इस खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां अब पार्थिव शरीर को वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं।

क्या कहते हैं पर्वतारोहण विशेषज्ञ

विशेषज्ञों का कहना है कि एवरेस्ट अभियान सिर्फ शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और मौसम के सही आकलन का भी खेल होता है। कई बार अनुभवी पर्वतारोही भी अचानक बदलते मौसम और ऑक्सीजन संकट का शिकार हो जाते हैं। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि एवरेस्ट पर बढ़ती भीड़ और सीमित मौसम विंडो के कारण जोखिम पहले की तुलना में और बढ़ गया है।

Mount Everest पर सफल चढ़ाई के बाद दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। एक तरफ दोनों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह कर भारत का नाम रोशन किया, तो दूसरी तरफ वापसी के दौरान हुआ हादसा यह याद दिलाता है कि प्रकृति के सामने इंसानी साहस भी कई बार कमजोर पड़ जाता है। यह घटना पर्वतारोहण की कठिन चुनौतियों और सुरक्षा की अहमियत को एक बार फिर सामने लेकर आई है।

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