समिति के अध्यक्ष बने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य Raghav Chadha को बड़ी संसदीय जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें शनिवार (23 मई) को राज्यसभा की याचिका समिति (Committee on Petitions) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया। राज्यसभा के सभापति C. P. Radhakrishnan ने समिति का पुनर्गठन करते हुए 10 सदस्यों को इसमें नामित किया है। यह पुनर्गठन 20 मई 2026 से प्रभावी माना गया है। राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया कि राघव चड्ढा को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। BJP में शामिल होने के बाद उन्हें मिली यह पहली बड़ी संसदीय जिम्मेदारी मानी जा रही है।
समिति में ये सदस्य भी शामिल
याचिका समिति में राघव चड्ढा के अलावा:
हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीडा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रवंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी. को सदस्य बनाया गया है। यह समिति संसद को भेजी जाने वाली जनहित याचिकाओं और शिकायतों की समीक्षा करती है और संबंधित मामलों पर सुझाव देती है।
BJP में आने के बाद बढ़ा राघव चड्ढा का कद
राजनीतिक गलियारों में इस नियुक्ति को राघव चड्ढा के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। AAP छोड़ने के बाद BJP ने उन्हें कम समय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर साफ संकेत दिया है कि पार्टी उन्हें संसदीय राजनीति में बड़ी भूमिका देना चाहती है। राघव चड्ढा लंबे समय से राज्यसभा में अपनी आक्रामक शैली और प्रभावशाली भाषणों के लिए चर्चा में रहे हैं।
कॉरपोरेट कानून संशोधन विधेयक समिति में भी बदलाव
राज्यसभा सचिवालय ने एक अन्य अधिसूचना में जानकारी दी कि राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2026 से संबंधित संयुक्त समिति का सदस्य नामित किया गया है। यह फैसला 20 मई 2026 से प्रभावी माना गया है। वहीं लोकसभा की ओर से जारी अलग अधिसूचना में लोकसभा अध्यक्ष ने अरविंद गणपत सावंत को भी इसी संयुक्त समिति में शामिल किया है। यह निर्णय 21 मई 2026 से लागू हुआ है।
राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा
राघव चड्ढा को मिली नई जिम्मेदारी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BJP आने वाले समय में उन्हें संसद और संगठन दोनों में बड़ी भूमिका दे सकती है। वहीं विपक्षी दल इस नियुक्ति को राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद राघव चड्ढा की नई राजनीतिक पारी को बड़ी मजबूती मिली है। BJP में शामिल होने के बाद इतनी जल्दी मिली यह जिम्मेदारी यह दिखाती है कि पार्टी नेतृत्व उन पर भरोसा जता रहा है। आने वाले समय में संसद के भीतर उनकी भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ते दिखाई दे सकते हैं।

