देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET को लेकर सामने आया पेपर लीक मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि यह पूरा नेटवर्क सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका फैलाव कई राज्यों तक हो सकता है। महाराष्ट्र के Latur से शुरू हुई जांच ने अब एक बड़े संगठित रैकेट की तरफ इशारा किया है। मामले में गिरफ्तार और संदिग्ध लोगों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। विशेष रूप से डॉ. शिरूरे से हुई पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क के संचालन और उसके संपर्कों को लेकर कई नए सुराग मिले हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार शुरुआत में मामला कुछ छात्रों और एजेंटों तक सीमित दिखाई दे रहा था। लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल रिकॉर्ड, फोन कॉल और पैसों के लेनदेन की जांच हुई, वैसे-वैसे यह नेटवर्क बड़ा नजर आने लगा। सूत्रों का दावा है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक प्रश्नपत्र या उससे जुड़ी जानकारी पहुंचाने की कोशिश की गई थी। इसके बदले मोटी रकम वसूली जा रही थी। माना जा रहा है कि इस रैकेट में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ लोग, एजेंट और तकनीकी मदद देने वाले व्यक्ति शामिल हो सकते हैं।
डॉ शिरूरे से पूछताछ में क्या खुलासे हुए
जांच एजेंसियों की पूछताछ में डॉ. शिरूरे का नाम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान कई ऐसे संपर्कों और बैठकों की जानकारी सामने आई है, जिनसे यह शक गहरा गया कि नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि छात्रों से लाखों रुपये की डील होती थी, अलग-अलग राज्यों में एजेंट सक्रिय थे, परीक्षा केंद्रों और तकनीकी सिस्टम पर नजर रखी जाती थी, कुछ लोगों का काम सिर्फ छात्रों को जोड़ना था,हालांकि जांच एजेंसियां अभी आधिकारिक रूप से सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं कर रही हैं।
किन राज्यों तक फैला हो सकता है नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार महाराष्ट्र के अलावा कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार पांच राज्यों में संदिग्ध गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी एजेंसियों को मिली है। इसी वजह से अब विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। डिजिटल डाटा, बैंक ट्रांजैक्शन और यात्रा रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
NEET जैसी परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में पेपर लीक की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई छात्रों का कहना है कि वे वर्षों मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसे रैकेट मेहनती उम्मीदवारों के साथ अन्याय करते हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि:
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाया जाए, पारदर्शिता बढ़ाई जाए,भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत तकनीक अपनाई जाए।
जांच एजेंसियां किन बिंदुओं पर कर रही हैं काम
फिलहाल जांच एजेंसियां कई पहलुओं पर एक साथ काम कर रही हैं। इनमें शामिल हैं पैसों के लेनदेन की जांच, मोबाइल और लैपटॉप का डाटा विश्लेषण, संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, परीक्षा केंद्रों की गतिविधियां, एजेंट नेटवर्क की पहचान इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं कोई संगठित गिरोह लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं को निशाना तो नहीं बना रहा था।
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई
जांच में नए नाम सामने आने के बाद आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रश्नपत्र तक पहुंच कैसे बनाई गई, किन स्तरों पर सुरक्षा में चूक हुई। यदि आरोप साबित होते हैं, तो आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
Latur से सामने आया NEET पेपर लीक मामला अब एक बड़े संगठित नेटवर्क का रूप लेता दिखाई दे रहा है। डॉ. शिरूरे से पूछताछ और पांच राज्यों तक फैले संभावित कनेक्शन ने जांच को और गंभीर बना दिया है। यह मामला सिर्फ एक परीक्षा में गड़बड़ी का नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था पर भरोसे का सवाल बन चुका है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और इस पूरे नेटवर्क के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर टिकी है।

