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पंजाब में आशा वर्करों का जोरदार प्रदर्शन, मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

by | Jun 12, 2026 | पंजाब

Punjab ASHA Workers Protest: पंजाब में आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक बार फिर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। राज्य के कई जिलों में आशा वर्करों ने थाली बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि चुनावों तथा विभिन्न बैठकों के दौरान किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा वर्कर लंबे समय से कम मानदेय, बढ़ते कार्यभार और लंबित मांगों की समस्या से जूझ रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में आशा वर्कर सड़कों पर उतरीं और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की।

थाली बजाकर दर्ज कराया विरोध

प्रदर्शन के दौरान आशा वर्करों ने हाथों में थालियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि यह प्रदर्शन सरकार का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई बार मांगें उठाने और ज्ञापन सौंपने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

वादाखिलाफी का लगाया आरोप

आशा वर्करों ने पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके मानदेय, सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर कई बार आश्वासन दिए गए थे। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि अब तक इन वादों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें उचित सम्मान और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल रही।

स्वास्थ्य सेवाओं में निभाती हैं अहम भूमिका

आशा वर्कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, जनजागरूकता अभियान और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भागीदारी अहम मानी जाती है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी आशा वर्करों ने जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं। इसी आधार पर प्रदर्शनकारी बेहतर सुविधाओं और सम्मानजनक मानदेय की मांग कर रही हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में निभाती हैं अहम भूमिका

आशा वर्कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, जनजागरूकता अभियान और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भागीदारी अहम मानी जाती है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी आशा वर्करों ने जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं। इसी आधार पर प्रदर्शनकारी बेहतर सुविधाओं और सम्मानजनक मानदेय की मांग कर रही हैं।

सरकार से वार्ता की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी प्राथमिकता टकराव नहीं बल्कि समाधान है। उन्होंने सरकार से जल्द बातचीत कर लंबित मांगों का समाधान निकालने की अपील की है। आशा वर्करों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

यूनियनों ने जताया समर्थन

आंदोलन को कई कर्मचारी संगठनों और यूनियनों का भी समर्थन मिला है। श्रमिक संगठनों का कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को मजबूत किए बिना स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाना कठिन है।

पंजाब में आशा वर्करों द्वारा थाली बजाकर किया गया प्रदर्शन केवल एक विरोध कार्यक्रम नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित मांगों और बढ़ती नाराजगी का प्रतीक बनकर सामने आया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की है। आने वाले दिनों में सरकार और आशा वर्करों के बीच होने वाली संभावित वार्ता इस मुद्दे की दिशा तय कर सकती है।

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