MP News: दिल्ली से वृंदावन धाम तक होने वाली बागेश्वर धाम सरकार की आगामी पदयात्रा को लेकर शनिवार को एक ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई, जिसने सामाजिक एकता और धार्मिक सौहार्द की नई मिसाल पेश की। इस बैठक में मुस्लिम समाज के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए, जिनमें फैज खान, नाजिया खान, इमरोज़ आलम, एहसान खान, नाजिया इलाही खान और सालिया खान जैसी जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं।
बैठक का मुख्य उद्देश्य था, सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में मुस्लिम समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना। इस दौरान मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में घोषणा की कि सैकड़ों मुस्लिम पुरुष और महिलाएं इस पदयात्रा में कदम से कदम मिलाकर चलेंगे।
मुसलमान बाबा बागेश्वर के साथ हैं…
मुस्लिम समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक फैज खान ने कहा, “भारत एक हिंदू राष्ट्र जरूर है, लेकिन यहां हर धर्म को बराबर सम्मान मिलता है। अकबर को मस्जिद जाने से, एंथनी को चर्च जाने से और अमर को मंदिर जाने से किसी ने नहीं रोका क्योंकि तीनों के पिता किशनलाल हैं। यही इस राष्ट्र की असली आत्मा है। उन्होंने आगे कहा कि देश के सत्रह से बीस करोड़ मुसलमान बाबा बागेश्वर के साथ हैं, क्योंकि बाबा का संदेश शांति, एकता और विश्वगुरु भारत की दिशा में अग्रसर है।
कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे
कार्यक्रम में बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने सभी मुस्लिम प्रतिनिधियों का पाटिका डालकर सम्मान किया और उन्हें धर्म और मानवता की एकजुटता का संदेश दिया। फैज खान ने बाबा बागेश्वर के चरणों में प्रणाम करते हुए उनकी दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना भी की। मुस्लिम समाज की प्रतिनिधि नाजिया खान ने कहा, बाबा जी का वाक्य ‘कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे’ हमारे समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक है। देश की उन्नति और अमन तभी संभव है जब हम नियम और कानून के दायरे में रहें।
बैठक के अंत में मुस्लिम नेताओं ने दोहराया कि वे सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के समर्थन में हैं और बाबा बागेश्वर धाम सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। इस अनोखे संगम ने एक स्पष्ट संदेश दिया- धर्म कोई दीवार नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा को जोड़ने वाला पुल है।
बार फिर “सात निश्चय” की गूंज सुनाई देगी।
ये भी पढ़े – एक्स ने किया पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ के दावे का पर्दाफाश, कश्मीर पर झूठा बयान हुआ बेनकाब

