IDFC Bank Manager Death: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक निजी बैंक के युवा शाखा प्रबंधक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। करीब 24 घंटे तक लापता रहने के बाद उनका शव उनकी ही कार के अंदर बंद हालत में मिला। घटना ने न केवल परिवार बल्कि बैंकिंग जगत और स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब इस मामले को कई कोणों से जांच रही है और मौत के पीछे की असली वजह तलाशने में जुटी है।
मृतक की पहचान 32 वर्षीय मुकेश सुथार के रूप में हुई है। वह श्रीगंगानगर शहर स्थित आईडीएफसी बैंक की शाखा में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। मूल रूप से रायसिंहनगर क्षेत्र के निवासी मुकेश अपने परिवार के साथ संपर्क में रहते थे और सामान्य दिनचर्या के अनुसार काम कर रहे थे। ऐसे में उनका अचानक लापता हो जाना परिवार के लिए चिंता का कारण बन गया।
अचानक गायब होने के बाद शुरू हुई तलाश
परिजनों के अनुसार मुकेश सोमवार दोपहर के बाद से अचानक संपर्क से बाहर हो गए थे। जब काफी देर तक उनसे बात नहीं हो सकी और उनका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा, तो परिवार को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद रिश्तेदारों और परिचितों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। परिवार ने उनके दोस्तों, परिचितों और संभावित स्थानों पर संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। जैसे-जैसे समय बीतता गया, चिंता और बढ़ती चली गई।
सड़क किनारे खड़ी मिली कार
अगले दिन खोजबीन के दौरान परिजनों की नजर एक कार पर पड़ी जो शहर के एक इलाके में सड़क किनारे खड़ी थी। कार का नंबर देखकर उन्हें शक हुआ कि यह मुकेश की ही गाड़ी है। जब वे वाहन के पास पहुंचे तो देखा कि कार पूरी तरह बंद थी और अंदर से कोई हलचल नहीं थी। स्थिति संदिग्ध लगने पर परिवार के लोगों ने कार का शीशा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। मुकेश कार के भीतर मृत अवस्था में पड़े थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की। प्रारंभिक जांच में वाहन के भीतर कुछ शराब की बोतलें मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
मामले की सबसे अहम कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानी जा रही है। मेडिकल बोर्ड द्वारा किए जाने वाले परीक्षण से यह स्पष्ट हो सकता है कि मौत का कारण क्या था और यह घटना कब हुई। यदि शरीर में किसी प्रकार का जहरीला पदार्थ, नशीला तत्व या बाहरी चोट के निशान मिलते हैं तो जांच की दिशा बदल सकती है। इसलिए पुलिस और परिवार दोनों की निगाहें रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
राजस्थान पुलिस के लिए यह मामला चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शुरुआती परिस्थितियां कई तरह के संकेत दे रही हैं। जांच अधिकारियों को तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले के रहस्य से पर्दा उठाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
श्रीगंगानगर में बैंक प्रबंधक मुकेश सुथार की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 24 घंटे तक लापता रहने के बाद अपनी ही कार में उनका शव मिलना सामान्य घटना नहीं माना जा रहा। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन सच्चाई जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। तब तक यह मामला राजस्थान की सबसे चर्चित और रहस्यमयी घटनाओं में शामिल बना रहेगा।

