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दीवाली की मिठास में जहर: कैथल में मिठाइयों में कीड़े-मक्खी, फैक्ट्रियों का काला सच!

Haryana News: दीवाली की रौनक के बीच हरयाणा के कैथल से आई खबर ने त्योहार की मिठास में कड़वाहट घोल दी है। सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड और जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को अतिरिक्त अनाज मंडी के सामने स्थित मिठाई बनाने वाली एक फैक्ट्री पर छापा मारा, जहां भारी मात्रा में गंदगी और सड़ी मिठाइयां मिलीं। फैक्ट्री में तैयार रसगुल्ले, चमचम और खोया में मक्खियां, मच्छर और कीड़े तैरते पाए गए। टीम के अनुसार, फैक्ट्री प्यौदा रोड स्थित शिव शक्ति मिष्ठान भंडार की है, जिसका मालिक राजू है। जैसे ही छापे की जानकारी फैली, राजू ने मोबाइल फोन बंद कर मौके से फरार हो गया। जांच में करीब 16 हजार किलो रसगुल्ले बरामद किए गए, जिनमें से 10 क्विंटल मिठाई मौके पर ही नष्ट कर दी गई।

मरी हुई मक्खियां और मच्छर

फैक्ट्री में जगह-जगह चासनी से भरे टब और ड्रम रखे थे, जिनमें मरी हुई मक्खियां और मच्छर तैर रहे थे। टीम ने 800 किलो चासनी, 20 किलो मावा और 1000 किलो रसगुल्ले तुरंत नष्ट किए। हालांकि फैक्ट्री में अब भी करीब 14 हजार किलो से अधिक मिठाई बची है, जिसे नष्ट नहीं किया गया। जांच टीम ने माना कि लेबर के भाग जाने और संसाधन की कमी के कारण पूरी मिठाई नष्ट नहीं की जा सकी।

दूध से बानी मिठाइयों से दूध गायब!

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फैक्ट्री में दूध का एक लीटर भी नहीं मिला, जबकि दावा किया जा रहा था कि मिठाइयां दूध से बनती हैं। टीम ने पाया कि रसगुल्ले मैदा, चीनी और घटिया घी से तैयार किए जा रहे थे। चासनी में दुर्गंध और कीड़ों की भरमार थी। वहीं, फैक्ट्री परिसर में अमूल दूध के खाली रैपर पड़े मिले, लेकिन दूध का उपयोग कहीं नहीं हुआ। जानकारी के मुताबिक, यह फैक्ट्री अपने रसगुल्ले और चमचम की सप्लाई पिहोवा, पूंडरी, ढांड और कैथल तक करती है। थोक में यह मिठाई 120 से 125 रुपये किलो में बेची जाती है, जबकि दुकानों पर इसे 150 रुपये किलो तक के रेट पर बेचा जाता है।

मालिक पर पहले भी हुआ है केस दर्ज

इसी मालिक के खिलाफ दो साल पहले भी फूड डिपार्टमेंट ने केस दर्ज किया था, जब प्यौदा रोड स्थित उसके गोदाम में नकली रसगुल्ले के सैंपल असुरक्षित पाए गए थे। मामला अभी कोर्ट में लंबित है। अब उसने जींद रोड पर नया गोदाम किराये पर लेकर उत्पादन शुरू किया था, जहां यह कार्रवाई हुई। इस बीच सोनीपत में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने देवडू रोड स्थित श्रीश्याम मिष्ठान भंडार पर छापा मारकर 1000 किलो रसगुल्ले नष्ट कराए। कैथल जिले में अब तक 56 सैंपल मिठाई, मावा और खाद्य पदार्थों के लिए लिए जा चुके हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

रिपोर्ट आने का इंतजार

मामले पर फैक्ट्री मालिक राजू ने दावा किया कि “मिठाई की क्वालिटी सही है, बस गोदाम बाहर होने से मक्खियां आ जाती हैं।” लेकिन मौके की तस्वीरें और बरामद सड़ा माल उसकी बात को झुठलाते हैं। जांच टीम का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद फैक्ट्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। त्योहार की इस गंदगी ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है क्या हमारी दीवाली की मिठास अब मिलावट की चाशनी में डूब चुकी है?

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