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बिहार: नीतीश कुमार के बेटे निशांत की पढ़ाई पर तेजस्वी यादव का तंज, बोले – शिक्षा मंत्री उन्हें इंजीनियर जरूर बना देंगे

by | Jun 11, 2026 | बिहार

Political Statement: बिहार की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावी माहौल के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता Tejashwi Yadav ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के पुत्र Nishant Kumar को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राज्य की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। तेजस्वी यादव ने निशांत कुमार की शिक्षा को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री चाहें तो उन्हें भी इंजीनियर बना सकते हैं। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के समर्थक अपने-अपने तरीके से इस बयान की व्याख्या कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं बल्कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था, नियुक्तियों और सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का हिस्सा भी है। ऐसे समय में जब राज्य में शिक्षा और रोजगार बड़े राजनीतिक मुद्दे बने हुए हैं, इस तरह की टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

क्या कहा तेजस्वी यादव ने

एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। इसी दौरान उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगर शिक्षा मंत्री चाहें तो मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को भी इंजीनियर बना सकते हैं। उनके इस बयान को सरकार की नीतियों और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष का हमला

राजद लगातार राज्य सरकार पर शिक्षा क्षेत्र में अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं के आरोप लगाती रही है। शिक्षक नियुक्तियों, परीक्षा प्रणाली और शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर विपक्ष समय-समय पर सरकार को घेरता रहा है। तेजस्वी यादव का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने का प्रयास किया।

जदयू और एनडीए खेमे की प्रतिक्रिया

तेजस्वी यादव की टिप्पणी के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। जदयू और एनडीए से जुड़े नेताओं का कहना है कि व्यक्तिगत टिप्पणियों से राजनीतिक विमर्श का स्तर नीचे जाता है। उनका दावा है कि विपक्ष मुद्दों पर बहस करने के बजाय व्यक्तिगत कटाक्ष का सहारा ले रहा है।

निशांत कुमार क्यों रहते हैं चर्चा में

निशांत कुमार आमतौर पर सक्रिय राजनीति से दूर रहते हैं, लेकिन समय-समय पर उनका नाम राजनीतिक चर्चाओं में सामने आता रहता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र होने के कारण राजनीतिक हलकों में उनकी भूमिका को लेकर अटकलें लगती रहती हैं। हालांकि अब तक उन्होंने सक्रिय राजनीति में कोई बड़ी भूमिका नहीं निभाई है।

बिहार की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी

बिहार में चुनावी माहौल नजदीक आते ही राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और तीखी होती दिखाई दे रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह के बयान और अधिक देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि सभी दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

शिक्षा बना राजनीतिक मुद्दा

राज्य में शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। विपक्ष जहां सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने रखने का प्रयास कर रही है। ऐसे में शिक्षा को लेकर दिया गया कोई भी बयान तुरंत राजनीतिक रंग ले लेता है।

निशांत कुमार की शिक्षा को लेकर तेजस्वी यादव की टिप्पणी ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां विपक्ष इसे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने का माध्यम बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे अनावश्यक और व्यक्तिगत टिप्पणी करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा कितना राजनीतिक असर डालता है, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी।

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