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IPL 2025 में CSK ने उठाया नियमों का फायदा? आकाश चोपड़ा और अश्विन के खुलासे से मचा बवाल

by | Aug 15, 2025 | खेल

Chennai Super Kings : पूर्व भारतीय टेस्ट क्रिकेटर और मौजूदा क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में एक बड़े संभावित लूपहोल की ओर इशारा किया है। उनका कहना है कि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने डेवाल्ड ब्रेविस को टीम में शामिल करते समय प्लेयर रिप्लेसमेंट के नियमों में मौजूद खामी का फायदा उठाया हो सकता है।

क्या है मामला

आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस मामले को विस्तार से उठाया। उन्होंने बताया कि CSK ने दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस को इंजर्ड गुरजपनीत सिंह के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया। ब्रेविस को 2.20 करोड़ रुपये में साइन किया गया,जोकि वही राशि थी, जिस पर गुरजपनीत को मेगा ऑक्शन में खरीदा गया था।

चोपड़ा ने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स का सीजन इस बार कुछ खास नहीं रहा। बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे और कई खिलाड़ी चोटिल भी हुए। टीम को या तो सीजन पटरी पर लाना था या अगले साल की तैयारी करनी थी। ऐसे में डेवाल्ड ब्रेविस को शामिल किया गया और उन्होंने आते ही शानदार प्रदर्शन किया।”

CSK ने महज नियमों का सही इस्तेमाल किया?

इस चर्चा को तब और तूल मिला जब भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने एक बयान में खुलासा किया कि ब्रेविस को कई फ्रेंचाइजियों ने संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने ज्यादा पैसे की मांग की थी, जिससे डील नहीं हो सकी। अश्विन ने यह भी संकेत दिया कि CSK ने ब्रेविस को उनकी बेस प्राइस से ज्यादा रकम ऑफर की हो सकती है, हालांकि उन्होंने सटीक आंकड़ा नहीं बताया।

आकाश चोपड़ा ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि रिप्लेसमेंट खिलाड़ियों को मिलने वाली रकम उनकी बेस प्राइस से कम नहीं हो सकती और वह उस खिलाड़ी की सैलरी से ज्यादा नहीं हो सकती जिसे वह रिप्लेस कर रहे हैं। ब्रेविस की बेस प्राइस ₹75 लाख थी और गुरजपनीत की सैलरी ₹2.20 करोड़। अगर CSK ने ब्रेविस को इससे ज्यादा भुगतान किया है, तो यह नियमों के खिलाफ है और इस प्रक्रिया में एक लूपहोल का इस्तेमाल हुआ है।

क्या IPL नियमों में बदलाव की जरूरत है?

इस बयान ने IPL की रिप्लेसमेंट पॉलिसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर वाकई ऐसा हुआ है तो यह न केवल पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है बल्कि लीग के अन्य फ्रेंचाइजियों के साथ अनुचित प्रतिस्पर्धा का भी मामला बन सकता है। फिलहाल BCCI या IPL गवर्निंग काउंसिल की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन अश्विन और आकाश चोपड़ा के इन बयानों ने चर्चा जरूर तेज कर दी है कि क्या कुछ फ्रेंचाइजियां मौजूदा नियमों का फायदा उठाकर भविष्य की तैयारी कर रही हैं?