Venezuelan Oil News: अमेरिका-इजरायल के नए हमलों से ईरान और आस-पास के इलाकों में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ऐसे होर्मुज स्ट्रेट से आने वाले तेल-एलपीजी को लेकर संकट गहरा गया है। ऐसे में तेल संकट को देखते हुए भारत सरकार ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला से कच्चे तेल की खेप जल्द भारत के बंदरगाहों पर पहुंचने वाली है। माना जा रहा है कि एक महीने में भारत को वेनेजुएला से करीब 1 से 1.2 करोड़ बैरल क्रूड मिलने की उम्मीद है।
भारत ने अपनाई ‘प्रोएक्टिव डायवर्सिफिकेशन’ की नीति
ईरान युद्ध के चलते आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के आवागमन पर सख्ती की नीति अपनाई है। परिणाम रहा कि कई देशों में ऊर्जा और तेल का संकट गहरा गया है। इस बीच भारत सरकार ने ‘प्रोएक्टिव डायवर्सिफिकेशन’ यानी ऊर्जा स्रोतों को विविध बनाने की रणनीति अपनाई। भारत अब वेनेजुएला से क्रूड मंगा रहा है। जो एक मजबूत विकल्प है। शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, तेल की कुछ खेप कोचिन पोर्ट पर पहुंचने वाली हैं। जहां से यह BPCL की रिफाइनरी को सप्लाई किया जाएगा। कंपनी के चेयरमैन संजय खन्ना ने पहले ही कहा था कि BPCL व्यावसायिक रूप से फायदेमंद होने पर किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए तैयार है।
वेनेजुएला का क्रूड भारतीय रिफाइनरियों के लिए है बेहतर
वेनेजुएला का कच्चा तेल मुख्य रूप से ‘हैवी ग्रेड’ का होता है, जो भारत की आधुनिक रिफाइनरियों के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का जामनगर कॉम्प्लेक्स और नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी जैसे प्लांट खास तौर पर हाई-सल्फर और भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने के लिए बनाए गए हैं। वेनेजुएला के इस तेल से डीजल और हवाई ईंधन जैसे उत्पाद ज्यादा मात्रा में निकलते हैं, जिनकी वैश्विक बाजार में इस समय भारी मांग है।
2018 में पूरे आयात तेल में वेनेजुएला का 6.7% हिस्सा था
वित्त वर्ष 2018 में भारत के कुल तेल आयात में वेनेजुएला की हिस्सेदारी 6.7 प्रतिशत थी। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण यह व्यापार बीच में रुक गया था, लेकिन अब इसकी वापसी से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को ‘एक्स्ट्रा लेयर’ मिली है।

