Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित शांति समझौते को लेकर “फेक न्यूज” फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों को ड्रोन हमले के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की।
ट्रंप ने Truth Social पर क्या कहा?
ट्रंप ने Truth Social पर लिखा कि ईरान की ओर से समझौते की जिन शर्तों को सार्वजनिक किया गया है, उनका लिखित रूप से तय की गई शर्तों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से जारी बयान कमजोर और भ्रामक हैं तथा तेहरान के साथ “अच्छे विश्वास” के आधार पर कोई समझौता संभव नहीं है। ट्रंप ने कहा कि पिछली रात भारतीय जहाजों को निशाना बनाकर किया गया ड्रोन हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है और ईरान को तुरंत अपनी गतिविधियों पर लगाम लगानी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने स्वीकार किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर बमबारी की थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी।
ईरान ने शांति समझौते की रूपरेखा सार्वजनिक की
इससे पहले ईरान से जुड़े मीडिया संस्थानों ने संभावित अमेरिका-ईरान शांति समझौते की एक रूपरेखा जारी की थी। प्रस्ताव के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को 30 दिनों के भीतर दोबारा खोला जाएगा, ईरान की लगभग 24 अरब डॉलर की फ्रीज की गई संपत्तियां जारी की जाएंगी और परमाणु मुद्दों पर 60 दिनों तक बातचीत की जाएगी। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इस धारणा को खारिज किया कि तेहरान इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना नियंत्रण छोड़ देगा। उनका कहना है कि व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही शुरू होने के बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में ही रहेगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि वॉशिंगटन के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) शीर्ष नेतृत्व के विचाराधीन है।
समझौते को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग
ट्रंप ने दावा किया कि समझौते की दिशा में तेजी से प्रगति हुई है और उन्होंने ईरान पर लगातार तीसरे दिन प्रस्तावित सैन्य हमले रद्द कर दिए हैं। उनका कहना है कि एक “बेहतरीन समझौता” अंतिम चरण में है और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यूरोप में, संभवतः कुछ दिनों के भीतर, हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया जा सकता है। ट्रंप के अनुसार, भारी दबाव झेलने के बाद ईरान समझौते की रूपरेखा पर सहमत हो गया है। हालांकि ईरानी सरकारी मीडिया ने इससे इनकार करते हुए कहा कि जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में हस्ताक्षर समारोह या अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ आमने-सामने की बैठक की बातें अमेरिका की इच्छाओं और प्रस्तावों की गलत व्याख्या हैं, क्योंकि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
सैन्य मोर्चे पर भी बढ़ा तनाव
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने ईरानी क्षेत्र पर अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से बंद करने की भी घोषणा की।
भारतीय नागरिकों वाले जहाजों पर हमले का भारत ने किया विरोध
भारत ने अरब सागर और ओमान की खाड़ी के पास भारतीय नागरिकों वाले व्यापारी जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों का कड़ा विरोध जताया है। इन घटनाओं में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है।
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