Raghav Chadha BJP Joining: आम आदमी पार्टी में बड़ी राजनीतिक हलचल के बीच राघव चड्ढा और छह अन्य राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में शामिल होने का ऐलान कर दिया, लेकिन मामला अभी आधिकारिक तौर पर अधर में लटका हुआ है। शुक्रवार को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी मुख्यालय पहुंचे और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात भी की। स्वागत हुआ, मिठाई भी खिलाई गई, मगर औपचारिक सदस्यता अब तक नहीं मिल पाई।
क्यों अटका हुआ है पेच
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक अहम तकनीकी पेंच है। दरअसल, राज्यसभा के किसी भी सदस्य के दल बदल या विलय को वैध ठहराने के लिए सभापति की मंजूरी जरूरी होती है। जब तक यह स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक इन सांसदों का बीजेपी में शामिल होना कागज़ों में मान्य नहीं माना जाएगा। राघव चड्ढा ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों का दो-तिहाई हिस्सा उनके साथ है और इसी आधार पर उन्होंने विलय का पत्र सभापति को सौंप दिया है।
हालांकि, जिन सात सांसदों का नाम इस प्रक्रिया में बताया गया, उनमें से चार सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए। बताया जा रहा है कि स्वाति मालीवाल पूर्वोत्तर में हैं, हरभजन सिंह आईपीएल में व्यस्त हैं, राजेंद्र गुप्ता विदेश में इलाज करा रहे हैं और विक्रमजीत साहनी स्वास्थ्य कारणों से चुप हैं।
राघव चड्ढा का आप पर तीखा हमला
इस बीच, राघव चड्ढा ने AAP पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और अब जनता की बजाय निजी हितों पर केंद्रित हो गई है। उन्होंने खुद को “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” बताते हुए अलग होने का फैसला सही ठहराया। अब निगाहें राज्यसभा सभापति के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि यह सियासी चाल सफल होगी या यहीं अटक जाएगी।
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