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जयशंकर-वांग यी मुलाकात ने बढ़ाई उम्मीदें, फिर से शुरू हो सकता है चीन और भारत के बीच सीमा व्यापार  

by | Aug 18, 2025 | दुनिया, देश

India China trade :  भारत और चीन के बीच रिश्तों में हलचल आ रही है. खबर है कि दोनों देशों ने पांच साल से रुके हुए सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने पर चर्चा शुरू की है. यह बातचीत भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात के बाद सामने आई है. अगर यह निर्णय लिया जाता है,तो इससे सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जिंदगी में एक नया बदलाव आ सकता है और इन इलाकों में व्यापार की गतिविधियां फिर से रफ्तार पकड़ सकती हैं.

सीमा व्यापार का ऐतिहासिक महत्व

भारत और चीन के बीच तीन प्रमुख सीमा व्यापार बिंदु थे,जो लगभग तीन दशकों तक लोकल उत्पादों का आदान-प्रदान करते थे. इन बिंदुओं से मसाले, कालीन,लकड़ी का फर्नीचर,मवेशियों का चारा,मिट्टी के बर्तन, औषधीय पौधे, इलेक्ट्रॉनिक सामान और ऊन का व्यापार होता था. साल 2017-18 में इन उत्पादों का कुल व्यापार लगभग 31.6 लाख डॉलर (करीब 27.65 करोड़ रुपये) था, जो सीमा क्षेत्रों के निवासियों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था.

क्यों हुआ था व्यापार बंद

हालांकि 2020 में कोविड-19 महामारी और उसके बाद हुए सीमा संघर्षों ने भारत-चीन संबंधों को काफी नुकसान पहुंचाया. लद्दाख में हुई झड़प में 20 भारतीय जवानों और 4 चीनी सैनिकों की शहादत के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया और इसके परिणामस्वरूप सीमा व्यापार को निलंबित कर दिया गया.

वर्तमान में उम्मीदें क्यों बढ़ी हैं?

हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात ने एक नई उम्मीद जगा दी है. दोनों देशों के नेताओं ने सीमा पार व्यापार सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया. बीजिंग के विदेश मंत्रालय ने इस अवसर पर कहा था कि सीमा व्यापार ने दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों की जिंदगी को बेहतर बनाया है, और वे इस क्षेत्र में भारत के साथ संवाद और समन्वय बढ़ाने के लिए तैयार हैं.

रिश्तों में सुधार और भविष्य की दिशा

यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है,जब भारत और चीन के बीच रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं. पिछले साल दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए. इसके साथ ही, भारत और चीन के बीच सीधी फ्लाइट सेवाओं को फिर से शुरू करने की योजना है, जो अगले महीने बहाल हो सकती हैं. इसके अलावा, चीन ने भारत से खाद्य उत्पादों पर लगी कुछ पाबंदियों को भी हटा लिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगस्त में चीन की यात्रा पर जा सकते हैं,जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे.

व्यापार और विश्वास का भविष्य

भारत और चीन के बीच लगभग 9.94 लाख करोड़ रुपये (113.83 अरब अमेरिकी डॉलर) का व्यापार होता है और यह आंकड़ा भविष्य में और बढ़ने की उम्मीद जगाता है. सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने की चर्चा दोनों देशों के बीच विश्वास की बढ़ती भावना को दर्शाती है. यदि यह योजना लागू होती है,तो यह केवल स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं,बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है.