Chhotu 5 KG Gas Cylinder: ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक गैस सप्लाई पर मंडराते खतरे के बीच केंद्र सरकार ने आम लोगों, खासकर प्रवासी मजदूरों और छात्रों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 5 किलो वाले ‘छोटू’ LPG सिलेंडर (FTL) का कोटा राज्यों के लिए दोगुना करने का फैसला लिया है। इस कदम का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए गैस सिलेंडर पाने में मुश्किलों का सामना करते हैं।
प्रवासी और छात्रों के लिए बड़ी राहत
दूसरे शहरों में रहने वाले मजदूरों और छात्रों के लिए गैस कनेक्शन लेना अक्सर मुश्किल होता है, क्योंकि उनके पास स्थायी पते का प्रमाण नहीं होता। इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने 5 किलो का छोटा सिलेंडर शुरू किया था, जिसे आसानी से सिर्फ पहचान पत्र दिखाकर लिया जा सकता है। अब इसका कोटा बढ़ने से उपलब्धता और बेहतर होगी।
युद्ध के बीच सप्लाई सुरक्षित रखने की रणनीति
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण LPG सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे हालात में सरकार ने यह कदम उठाकर संकेत दिया है कि वह घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है। नए आदेश के तहत, 2-3 मार्च 2026 की औसत सप्लाई के आधार पर अतिरिक्त कोटा तय किया जाएगा, जो पहले से निर्धारित सीमा से अलग होगा।
ब्लैक मार्केटिंग पर लगेगी रोक
अब तक कई लोग गैस की कमी के चलते ब्लैक मार्केट से महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर थे। सरकार के इस फैसले के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियां राज्यों के साथ मिलकर अतिरिक्त सिलेंडर सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाएंगी, जिससे कालाबाजारी पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।
आसान, सस्ता और पोर्टेबल विकल्प
5 किलो का ‘छोटू’ सिलेंडर हल्का और आसानी से कहीं भी ले जाने योग्य है। इसका रिफिल भी कम खर्चीला होता है, जो दिहाड़ी मजदूरों और सीमित बजट वाले छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है।
सरकार की नजर सख्त
पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस अतिरिक्त कोटे का लाभ केवल जरूरतमंदों तक ही पहुंचे। इसके वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई भी इसका गलत फायदा न उठा सके। इस फैसले के साथ सरकार ने साफ कर दिया है कि संकट के दौर में भी आम आदमी की रसोई ठंडी नहीं पड़ेगी।

