Today Weather Update: दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में सोमवार और मंगलवार की सुबह अचानक मौसम ने करवट ली। दिल्ली में मंगलवार सुबह हुई हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में ध्यान देने योग्य गिरावट दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि इन दो दिनों में गरज-चमक के साथ बौछारें, तेज हवाएं और बादल छाए रहने की संभावना है।
अभी बरकरार रहेगा मौसम में उतार चढ़ाव
सफदरजंग में मंगलवार को अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को तापमान 31 डिग्री तक गिर सकता है, जबकि न्यूनतम 20 डिग्री रहने की संभावना है। 9 अप्रैल को भी आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा, इसके बाद 10 और 11 अप्रैल को मौसम साफ होने के संकेत हैं, जिससे तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 33-34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
हिमाचल में बारिश और ओलावृष्टि
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम ने अचानक करवट ली है। कसौली में सोमवार को सबसे अधिक 31.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। धर्मपुर में 29.8 मिमी, सराहन में 29.5 मिमी, जुब्बरहट्टी में 25.8 मिमी, जोगिंदरनगर में 24 मिमी और शिमला में 8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा चंबा और सिरमौर में भी बुधवार को मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। उना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट है। विभाग के अनुसार, दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव के कारण 6 से 9 अप्रैल तक उत्तर भारत में वेट स्पेल (Wet Spell) जारी रहेगा।
कोलकाता में IPL मैच भी रद्द
पश्चिमी विक्षोभ का असर कोलकाता और आसपास के इलाकों में भी दिखाई दिया। तेज गर्मी के बाद बादल छाने और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई, जिससे मौसम खुशगवार हो गया। खराब मौसम के कारण सोमवार को KKR बनाम PBKS का IPL मैच रद्द करना पड़ा।
किसानों की फसलें प्रभावित
हालांकि बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। दिल्ली-एनसीआर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के कई खेतों में पानी भर गया, जिससे गेहूं, सरसों, जौ और सब्जियों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। किसान संगठनों ने सरकार से फसल बीमा क्लेम की प्रक्रिया तेज करने और तत्काल मुआवजे की मांग की है।

