होम = News Latest = कैमरे का जादूगर फोटोग्राफर रघु राय का 83 की उम्र में निधन, भोपाल गैस त्रासदी की दर्दनाक तस्वीरों से दुनिया को करवाया था रूबरू

कैमरे का जादूगर फोटोग्राफर रघु राय का 83 की उम्र में निधन, भोपाल गैस त्रासदी की दर्दनाक तस्वीरों से दुनिया को करवाया था रूबरू

by | Apr 26, 2026 | News Latest, देश

Photographer Raghu Rai Passes Away: भारत की तस्वीरों में जान फूंक देने वाले महान छायाकार (Photographer) रघु राय का रविवार तड़के निधन हो गया। 83 वर्ष की उम्र में उन्होंने एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके बेटे और फोटोग्राफर नितिन राय ने बताया कि वे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे, जो हाल ही में मस्तिष्क तक फैल गया था। उम्र से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी उन्हें परेशान कर रही थीं। परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत, बेटा नितिन और तीन बेटियां लगन, अवनि और पूर्वाई हैं। उनका अंतिम संस्कार रविवार शाम दिल्ली के लोधी श्मशान घाट पर किया जाएगा।

जब तस्वीरें बन गईं इतिहास

रघु राय ने 50 साल से भी लंबे करियर में भारतीय फोटो पत्रकारिता को एक नई पहचान दी। उनके कैमरे ने देश के सबसे अहम और संवेदनशील पलों को कैद किया चाहे वह आपातकाल (भारत) हो या फिर दिल दहला देने वाली भोपाल गैस त्रासदी। उनकी तस्वीरें सिर्फ दृश्य नहीं थीं, बल्कि समाज, राजनीति और इंसानी भावनाओं की गहरी कहानी कहती थीं। यही वजह है कि उनकी कई तस्वीरें आज भी ‘जीवंत दस्तावेज’ मानी जाती हैं।

एक तस्वीर जिसने दुनिया को हिला दिया

भोपाल गैस त्रासदी के दौरान ली गई उनकी एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर आज भी लोगों के ज़ेहन में जिंदा है। 4 दिसंबर 1984 को खींची गई इस तस्वीर ने पूरे विश्व को झकझोर दिया था। बाद में प्रसिद्ध फोटो जर्नलिस्ट पाब्लो बार्थोलोम्यू ने इसे रंगीन रूप देकर एक नई पहचान दी, लेकिन उसकी मूल संवेदना आज भी उतनी ही तीखी है।

1984 की वो काली रात

2-3 दिसंबर 1984 की रात, यूनियन कार्बाइड लिमिटेड की फैक्ट्री से जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट का रिसाव हुआ। टैंक नंबर 610 से शुरू हुआ यह रिसाव कुछ ही घंटों में पूरे इलाके में फैल गया। सुबह होते-होते हजारों लोग मौत की नींद सो चुके थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक करीब 3000 लोगों की तुरंत मौत हुई, जबकि हजारों लोग स्थायी रूप से बीमार और विकलांग हो गए। यह हादसा दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक त्रासदियों में गिना जाता है।

तस्वीरों में जिंदा रहेगा एक युग

रघु राय का जाना सिर्फ एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक दौर का अंत है। उन्होंने भारत की आत्मा को अपने कैमरे में जिस संवेदनशीलता से कैद किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर है। उनकी तस्वीरें हमेशा याद दिलाती रहेंगी कि कैमरा सिर्फ तस्वीर नहीं लेता, वह इतिहास लिखता है।

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