गर्मियों के मौसम में बढ़ती लू और तेज धूप बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। बच्चों का शरीर बड़ों की तुलना में गर्मी को जल्दी सहन नहीं कर पाता, जिससे उनमें हीट स्ट्रोक (लू लगना) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह स्थिति कभी-कभी जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए इसके लक्षणों और बचाव को समझना बहुत जरूरी है। हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है और शरीर अपने तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता। आमतौर पर यह तब होता है जब बच्चा लंबे समय तक तेज धूप या गर्म वातावरण में रहता है और शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जब शरीर का तापमान 40°C या उससे अधिक हो जाता है, तो यह स्थिति आपातकाल बन सकती है।
बच्चों में हीट स्ट्रोक के मुख्य लक्षण
माता-पिता को इन संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए: अचानक तेज बुखार या शरीर का बहुत गर्म होना, लगातार सिरदर्द और चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना, बहुत ज्यादा कमजोरी या थकान, त्वचा का लाल और सूखा होना (पसीना न आना) , सांस तेज चलना
बेहोशी या भ्रम की स्थिति, पेशाब कम आना या शरीर में पानी की कमी के संकेत, अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
बच्चों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है हीट स्ट्रोक
बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी गर्म हो जाता है और वे अपने शरीर का तापमान नियंत्रित करने में उतने सक्षम नहीं होते। इसके अलावा: बच्चे खेलते-खेलते प्यास और थकान को नजरअंदाज कर देते हैं, छोटे बच्चे अपनी परेशानी ठीक से बता नहीं पाते, शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है, लंबे समय तक धूप में रहने की आदत खतरा बढ़ाती है।
हीट स्ट्रोक से बचाव के आसान उपाय
थोड़ी सावधानी से इस गंभीर समस्या से बचा जा सकता है: बच्चों को दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप में बाहर न जाने दें, हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाएं, पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाते रहें, ओआरएस, नारियल पानी और घर के बने ठंडे पेय दें, सिर को टोपी या कपड़े से ढककर रखें, धूप में खेलने के समय को सीमित करें, कार या बंद जगह में बच्चों को अकेला बिल्कुल न छोड़ें।
अगर हीट स्ट्रोक हो जाए तो क्या करें
अगर बच्चा हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाए तो तुरंत ये कदम उठाएं: बच्चे को तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं, शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें, पंखे या एसी की हवा में रखें।
माता-पिता के लिए जरूरी सलाह
गर्मी के मौसम में बच्चों की देखभाल में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए हमेशा बच्चों पर ध्यान रखें, उन्हें हाइड्रेटेड रखें और धूप से बचाएं।

